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•    इससे हिंद महासागर में भारत की उपस्थिति में वृद्धि होगी जहां चीन, कोरिया और जर्मनी जैसे अन्य देश सक्रिय हैं.
•    अन्वेषण कार्य विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों और अनुसंधान प्रयोगशालाओं/ संगठनों के सहयोग से पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अन्तर्गत किया जाएगा.
समुद्र तली में लोहा,तांबा,जस्ता,चांदी,सोना,प्लेटिनम युक्त यह बहुधात्विक सल्फाइड (पीएमएस) समुद्री क्रस्ट की चिमनी के माध्यम से गहराई में गर्म मेग्मा उमड़ने से तरल पदार्थ से बना अवक्षेप हैं.
•    पीएमएस के दीर्घकालिक वाणिज्यिक एवं सामरिक लाभ ने दुनिया भर का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है.
•    समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन (यूएनसीएलओएस) के अधीन अंतर्राष्ट्रीय सीबैड प्राधिकरण (आईएसए) ने हिंद महासागर के केंद्रीय भारतीय रिज (सीआईआर) 85 दक्षिण- पश्चिम भारतीय रिज (एसडब्ल्यूआईआर) क्षेत्र में पोली मैटेलिक सल्फाइड (पीएमएस) के अन्वेषण के लिए 15 वर्षों की योजना के साथ 10,000 वर्ग किमी क्षेत्र का आवंटन करने के लिए पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) द्वारा प्रस्तुत आवेदन को अपनी मंजूरी दी.
•    आईएसए अंतर्राष्ट्रीय जल सीमा में सीबैड के अजीवित संसाधनों को नियंत्रित करता है.
o    धारित क्षेत्र में सबसे संभावित क्षेत्र की पहचान करना जो मध्‍य हिंद बेसिन में पिण्डिकाओं के लिए प्रथम पीढ़ी के खनन स्‍थल का केंद्र बनेगा.
o    प्रथम पीढ़ी खनन स्‍थल में आदर्श ब्लॉकों का चयन करना और प्रयोगिक खनन के लिए पूर्व संकेतक और आवश्यक डेटा प्रदान करने के लिए उच्चतम संभव विभेदन पर विस्तृत अवलोकन करना.
o    धारित क्षेत्र में मौजूदा डेटा के साथ ग्रेड और बहुतायत डेटा को एकीकृत करना और जहां तक ग्रेड और बहुतायत का संबंध है, सबसे अच्छे ब्लॉकों की अंतिम वस्‍तुस्‍थिति सृजित करना.
o    धारित क्षेत्र में पिण्डिका का व्यापक संसाधन मूल्यांकन
o      राष्ट्रीय अंटार्कटिक एंव समुद्री अनुसंधान केन्द्र, गोवा
o      राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, गोवा
o    समोच्च नक्शे का सृजन, ढलान कोण का नक्शा, खनन स्‍थल-एम-3 (42 ब्लाक) का 3-डी मानचित्र और मौजूदा आंकड़ों से उच्च विभेदन अध्ययनों के लिए आदर्श ब्लॉकों का चयन करना.
o    सब-बॉटम भेदन का उपयोग करते हुए पूर्व चयनित ब्लॉकों की आरओवी जांच, सूक्ष्म स्थलाकृति आदि के लिए एक बीम और बहु बीम मानचित्रण
o    कार्यक्रम से अपेक्षित डिलिवरेबल्स में बहु धातु खनिज अन्वेषण के लिए प्रासंगिकता संबंधी विस्तृत स्‍थल विशेष विषयगत नक्शे और इस क्षेत्र के लिए एक व्यापक भूवैज्ञानिक डेटाबेस शामिल होंगे.
o    जीआईएस का उपयोग करते हुए अन्‍वेषण क्षेत्र की सूक्ष्‍म स्‍थालाकृतिक रूपरेखाओं और संबंधित विश्‍लेषणों का सीमांकन करने के लिए उच्‍च विभेदन मानचित्र (3-डी और 2-डी) तैयार करना.
o    सीआईओबी नॉड्यूल युक्त क्षेत्र (प्रथम पीढ़ी खनन स्‍थल) में संभावित सीमाउंट जलतापीय निक्षेपों की समझ और आकलन.

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केंद्रीय कैबिनेट ने नागर विमानन नीति को मंजूरी दी

केंद्रीय कैबिनेट ने 15 जून 2016 को नागर विमानन नीति को अपनी मंजूरी दे दी. स्वतंत्रता के बाद यह पहला ऐसा अवसर है जब नागर विमानन मंत्रालय ने एक संपूर्ण नागर विमानन नीति को देश में लागू किया है. बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की.
•    केंद्रीय कैबिनेट ने लक्ष्य रखा है कि भारत को 2022 तक तीसरा सबसे बड़ा नागर विमानन बाजार बनाना है. वर्तमान में भारतीय नागर विमानन बाजार 9वें पायदान पर है.
•    यात्री सुविधाएँ बढाकर घरेलू टिकटिंग को 2022 तक 8 करोड़ (जो 2015 में था) से बढाकर 30 करोड़ करना. 
•    वाणिज्यिक उड़ानों हेतु हवाईअड्डों की संख्या 2019 तक 127 करना जो 2016 में 77 है.
•    हवाई यात्रा के किराए को समय के अनुरूप भी समायोजित करने के प्रयास किए गए है. जिसके अनुसार एक घंटे के सफर हेतु अधितकम किराया 2500 रुपए से ज्यादा नहीं होगा, यदि यात्रा पर इससे अधिक खर्च आता है तो सरकार ने विमान कंपनियों को छूट का प्रावधान रख है.
•    इसी प्रकार 30 मिनट के हवाई सफर के लिए 1200 रुपए से ज्यादा किराया देय नहीं होगा.
•    हवाईअड्डों को कम बजट पर बढ़ावा दिया जाएगा. 
•    क्षेत्रीय विमानन सेवा को बेहतर बनाने हेतु हर संभव प्रयास करने का लक्ष्य सरकार ने रखा है.
•    नई नीति के अनुसार सरकार विमानों के मेन्‍टेनेंस एंड रिपेयर ऑपरेशंस (एमआरओ) पर विशेष ध्यान देगी.
•    निजी सेवा प्रदाताओं को छुट देते हुए सरकार ने अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा शुरू करना की नीति में भी परिवर्तन किया है. जिसक्र तहत नई नीति में 5 साल घरेलू विमान सेवा देने की शर्त को समाप्त कर दिया गया है.
•    निजी सेवा प्रदाता के पास 20 विमान होने पर घरेलू सेवा में बिना किसी अनुभव के विदेशी सेवा शुरू करने का प्रावधान किया गया है.
•    विमानान सेवा अधिनियम 5/20 नियम को बदलकर 0/20 कर दिया गया है.

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय कैबिनेट ने 15 जून 2016 को अंतरराष्ट्रीय महाद्वीपीय वैज्ञानिक ड्रिलिंग कार्यक्रम में भारत की सदस्यता को स्वीकृति दी.
•    हेल्महोल्ज़ सेंटर पोट्सडेम जीएफजेड जर्मन भू-विज्ञान अनुसंधान केन्द्र के साथ एक समझौता ज्ञापन पत्र पर हस्ताक्षर के द्वारा अंतरराष्ट्रीय महाद्वीपीय वैज्ञानिक ड्रिलिंग कार्यक्रम (आईसीडीपी) संघ में भारत की सदस्यता को स्वीकृति मिली. 
•    यह जर्मनी के ब्रांडेनबर्ग का एक सरकार द्वारा वितपोषित सार्वजनिक विधि संस्थान है.
•    सदस्यता समझौते के एक अंग के रूप में भारत दो आईसीडीपी पैनलों-कार्यकारी समिति (ईसी) और असेम्बली ऑफ गर्वंनर्स (एओजी) में एक सीट हासिल करेगा. 
•    इसके अलावा, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के द्वारा चलाई जा रही कोयना वैज्ञानिक गहरी खुदाई परियोजना के लिए कार्यशालाओं में मदद, आंकड़े प्रबंधन एवं प्रतिदर्ष जैसे प्रमुख वैज्ञानिक क्षेत्र में मानव श्रम परीक्षण के संदर्भ में आईसीडीपी क्षमता निर्माण संवर्धन के अलावा संचालनगत और तकनीकी सहायता प्रदान करेगा. 
•    आईसीडीपी के सदस्य के रूप में भारत के वैज्ञानिकों/अभियंताओं को आईसीडीपी की सभी सह-वित्त पोषित कार्यशालाओं और खुदाई परियोजनाओं में भागीदारी के लिए अपने प्रस्तावों को दाखिल करने का अधिकार होगा और वे आईसीडीपी परियोजना से मिलने वाले सभी आंकड़ों के परिणामों को प्राप्त कर सकेंगे. इससे भूकम्पीय और भूकम्प प्रक्रियाओं के लिए उन्नत समझ के स्तर पर कार्य किया जा सकेगा.
•    आईसीडीपी के साथ सदस्यता पर पांच वर्षों की अवधि के लिए समझौता ज्ञापन पत्र पर हस्ताक्षर करने से, भारत कोयना क्षेत्र से संबंधित अन्वीक्षण और गहरी खुदाई के संदर्भ में वैज्ञानिक खुदाई के विभिन्न पहलुओं के बारे में गहन विशेषज्ञता के साथ अंतरराष्ट्रीय रूप से ख्याति प्राप्त विशेज्ञषों के साथ मिलकर कार्य करने में समर्थ हो जाएगा
ब्रेंबल केय, जलवायु परिवर्तन से विलुप्त होने वाला पहला स्तनपायी जीव घोषित
वैज्ञानिकों ने जून 2016 को ग्रेट बैरियर रीफ में पाया जाने वाले ब्रेंबल केय नामक स्तनपायी जीव को विलुप्त घोषित किया.

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भारतीय रेलवे ने 'जननी' सेवा की शुरुआत की, ट्रेन में ही मिलेगा बेबी फूड

छोटे बच्चों को साथ लेकर ट्रैवल करने वाली महिलाओं को भारतीय रेल तोहफा दे रही है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 'जननी' सेवा का उद्घाटन किया । 
•    जननी सेवा के तहत चुनिंदा ट्रेनों के अलावा स्टेशन्स पर भी दूध, गर्म पानी, बेबी फूड, चॉकलेट, बिस्किट की उपलब्धता रहेगी। 
•    अब बच्‍चे के लिए आपको गर्म दूध, चॉकलेट और बेबी फूड कैरी करने की जरूरत नहीं है।
•    रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 2016-17 के रेल बजट में इस नई सुविधा के बारे में ऐलान किया था। ऐलान के 3 महीने बाद प्रभु इसे लागू करने जा रहे हैं। 
•    निश्चित तौर पर बच्चों को साथ लेकर चलते समय अब महिलाओं को उनके खान पान को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ेगी। 
•    इस सुविधा के तहत रेलवे स्टेशनों पर जोनल रेलवे, भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) के स्टॉलों पर अब अनिवार्य रूप से गर्म दूध, गर्म पानी, चॉकलेट आदि बेबी फूड उपलब्ध करवाया जाएगा।
•    रेल बजट में किए गए एलान के मुताबिक रेल मंत्रालय स्टेशनों पर RO वॉटर वेंडिंग मशीन लगाने का काम तेजी से कर रहा है। 
•    इसके तहत दिल्ली में अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर 10 वॉटर वेंडिंग मशीन लगाई गई। इसके अलावा आनंद विहार और कानपुर पर इस सर्विस की शुरूआत हो चुकी है। 
•    जबकि देश के कई अन्य कई स्टेशनों पर मशीनें लग चुकी हैं। 
•    इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) द्वारा गलाए गए वेंडिंग मशीन से आप 1 रुपए में 300 ml पानी खरीद सकते हैं। 

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भारतीय डाक सेवा ने भारतीय डाक भुगतान बैंक हेतु लोगो और टैगलाइन डिजाइन प्रतियोगिता आरम्भ की

डाक विभाग ने अपने प्रस्तावित पेमेंट बैंक हेतु लोगो डिजाइन तथा टैगलाइन (ध्येय वाक्य) हेतु प्रतिस्पर्धा आरम्भ की है. इसके लिए डाक विभाग ने आम जनता से प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं. विजेता को 50,000 रुपए पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी.
•    केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 जून 2016 को 800 करोड़ रुपए के कोष के साथ भारतीय डाक भुगतान बैंक गठित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.
•    डाक विभाग ने यह प्रतियोगिता माइ गाव वेबसाइट पर 10 जून 2016 को आरम्भ की.
•    प्रतियोगिता में सभी भारतीय नागरिकों, संस्थानों, एजेंसियों और संस्थान भाग ले सकते हैं.
•    प्रतियोगिता का उद्देश्य देश के विभिन्न तबकों की जरूरतों और लोगों की मानसिक स्थति को समझने अक प्रयास है.
•    प्रतियोगिता केंद्र सरकार की स्वीकृति पर शीघ्र ही गठित होने जा रहे भारतीय डाक पेमेंट बैंक के लिए है.
•    प्रतियोगिता में सभी भारतीय नागरिकों, संस्थानों, एजेंसियों और संस्थान भाग ले सकते हैं.
•    प्रतियोगिता का उद्देश्य देश के विभिन्न तबकों की जरूरतों और लोगों की मानसिक स्थति को समझने का प्रयास है.
•    प्रख्यात डिजाइनर तथा विशेषज्ञ 20 बेहतरीन प्रविष्टियों का चयन करेंगे.
•    चयन बाद विजेता चुनने के लिए माई गाव प्लेटफॉर्म पर वोटिंग के लिए रखा जाएगा.
•    प्रतियोगिता नौ जुलाई को समाप्त होगी.
•    सरकार ने इससे पहले भारतीय मुद्रा रुपए के नए निशान तथा स्वच्छ भारत लोगो के लिए लोगों से प्रविष्टियां आमंत्रित की थी.
•    परियोजना का कुल व्यय 800 करोड़ रुपये है.
•    आईपीपीबी मार्च 2017 तक भारतीय रिजर्व बैंक से बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त कर लेगा औरसितंबर 2017 तक 670 शाखाओं को परिचालन में लाने की योजना है.
•    यह शाखाएं मोबाइल, एटीएम, पीओएस/एम-पीओएस उपकरणों एवं साधारण डिजिटल भुगतानों सहित अत्याधुनिक तकनीकों के साथ डाक घरों और वैकल्पिक चैनलों से संबद्ध होंगी
•    वर्ष 2018-19 तक पूरे देश में इसका विस्तार किया जाएगा.
•    इस से मूल बैंकिंग, भुगतान और प्रेषण सेवाएं प्रदान करने के द्वारा वित्तीय समावेशन और बीमा, म्युचुअल फंड, पेंशन और ग्रामीण क्षेत्रों एवं बैंक रहित और बैंक के अंतर्गत कार्य करने वाले क्षेत्रों पर विशेष रूप से ध्यान देते हुए तीसरे पक्ष के वित्तीय प्रदाताओं के साथ समन्वय के माध्यम से ऋण तक पहुंच जैसी वित्तीय सुविधाएं भी मिलेंगी

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रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेस ट्रेन का लोकार्पण किया

रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने मोतीहारी में चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेस ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना किया. यह गाड़ी बापूधाम, मोतीहारी और दिल्ली के आनंद विहार स्टेशन के बीच चलायी जाएगी.
रेलमंत्री ने इसके अलावा छः और अन्य रेल सुविधाओं का लोकार्पण किया.  
•    रेलमंत्री ने बनमांखी-पूर्णिया रेलखंड और पिपरहा रेलवे स्टेशन का भी उद्घाटन किया.
•    प्रभु ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मोतीहारी, बेगुसराय और दानापुर स्टेशनों पर पैदल पार पुल का भी उद्घाटन किया.
•    बाद में एक समारोह में रेलमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में बिहार में यात्री सुविधाओं में और सुधार किया जायेगा.
•    रेल मंत्रालय ने यात्री सुविधाओं को रेल मंत्रालय की प्राथमिकता में सबसे ऊपर रखा है.
चंपारण सत्याग्रह रेल महात्मा गांधी द्वारा शुरू किए गए ऐतिहासिक चंपारण सत्याग्रह (आंदोलन) के 100 साल पूरे होने पर आराम्भ्की गयी है. चंपारण सत्याग्रह 1917 में शुरू किया गया था.
•    चंपारण सत्याग्रह भारत का पहला सत्याग्रह था.
•    महात्मा गांधी ने अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों, यूरोपीय नील, गिरमिटिया मजदूरों और चंपारण में हजारों गरीब किसानों और आसपास के इलाकों के लोगों के उत्पीडन और शोषण के विरुद्ध ब्रिटिश नेतृत्व के खिलाफ 1917 में आंदोलन का नेतृत्व किया.

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सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पत्र-पत्रिकाओं हेतु विज्ञापन नीति जारी की

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 10 जून 2016 को पत्र-पत्रिकाओं हेतु विज्ञापन देने में ज्‍यादा पारदर्शिता और जवाबदेही के उद्देश्‍य से विज्ञापन एवं दृश्‍य प्रचार निदेशालय डीएवीपी ने  नई प्रिन्‍ट मीडिया विज्ञापन नीति तैयार की है.
•    इस नीति में सरकारी विज्ञापन जारी करने की सुचारू व्‍यवस्‍था करने और विभिन्‍न श्रेणियों की पत्र-पत्रिकाओं के प्रति समान और निष्‍पक्ष प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया गया है.
•    मंत्रालय के अनुसार इस नीति में पहली बार समाचार पत्रों के लिए नई आकलन प्रणाली शुरू की गई है. जिसमें बेहतर पेशेवर साख वाले अखबारों को प्रोत्‍साहन दिया जायेगा.
•    ए बी सी तथा आर एन आई से उनकी बिक्री की पुष्टि कराई जायेगी.
•    इससे डीएवीपी के विज्ञापन देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही आयेगी.
•    नीति प्रारूप में अनिवार्य कर दिया गया है कि डीएवीपी विज्ञापनों हेतु भुगतान ईसीएस या एनईएफटी के जरिये ही अखबार या कम्‍पनी के खाते में करेगा.
•    नीति के अन्‍तर्गत पत्र-पत्रिकाओं को तीन श्रेणियों में बांटा गया है.
•    पहली श्रेणी में 25 हजार प्रतियों तक की बिक्री वाले छोटे, 25 हजार एक से 75 हजार प्रतियों की बिक्री वाले मझौले और 75 हजार या उससे ज्‍यादा बिक्री वाले बड़े पत्र-पत्रिका माने जायेंगे..
•    डीएवीपी विभिन्‍न मंत्रालयों और विभागों की ओर से विज्ञापन जारी करने वाली केन्‍द्रीय संस्‍था है.

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सबसे ज्यादा तेल के दोहन में भारत दुनियाभर तीसरे स्थान पर

जापान को पछाड़कर भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश बन गया है। 
•    ‘बीपी स्टेटिस्टिकल रिव्यू ऑफ वर्ल्ड एनर्जी’ के अनुसार भारत की तेल मांग 2015 में 8.1 प्रतिशत बढ़ी।
•    इसके अनुसार 41 लाख बैरल प्रतिदिन मांग के साथ भारत तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश बन गया है। 
•    साल 2015 में विश्व तेल खपत में भारत का हिस्सा 4.5 प्रतिशत रहा। 
•    तेल खपत के लिहाज से अमेरिका पहले जबकि चीन दूसरे स्थान पर है। 
•    1990 के दशक में चीन में तेल की खपत उतनी थी जितनी आज भारत की है। 
•    1999 में चीन की अर्थव्यवस्था अभी के 10 खरब डॉलर का दसवां हिस्सा थी और शंघाई जैसे प्रमुख शहरों की सड़कों पर साइकिल, टैक्सी और बसों की भीड़ रहती थी। 
•    इससे अगले 17 वर्षों में चीन की अर्थव्यवस्था 7वें पायदान से दूसरे स्थान पर पहुंच गई। 
•    वाहन बिक्री बढ़ी और तेल की मांग लगभग उसके बाद से तीन गुनाअधिक हो गई। भारत भी उसी राह पर है।

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भारतीय रिज़र्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष (2016-2017) की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा पेश की

भारतीय रिज़र्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा पेश की। 

•    घरेलू स्तर पर वर्ष 2015-16 की अंतिम तिमाही में आर्थिक विकास की रफ्तार उम्मीद के अनुरूप रही। लेकिन पूरे वित्त वर्ष में औद्योगिक उत्पादन में गिरावट दर्ज हुई।
•    उपभोक्ता खर्च में इजाफा हो रहा है। मानसून बेहतर रहने और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने पर घरेलू मांग बढ़ने की संभावना है। 
•    केंद्रीय बैंक ने बीते डेढ़ साल में रेपो दर में 1.5 फीसदी कटौती की है, लेकिन बैंकों ने इसका पूरा लाभ अभी भी ग्राहकों तक नहीं पहुंचाया है। 
•    रेट कट का लाभ बैंक ग्राहकों अपने तक पहुंचा सके, इसके लिए आरबीआई ने इस साल अप्रैल से बैंकों के लिए मार्जिनल कास्ट लैंडिंग रेट (एमसीएलआर) की प्रणाली लागू की थी। 
•    रेपो - 6.50%
•    रिवर्स रेपो - 6.0%,
•    सीआरआर - 4.0 
•    बैंक रेट - 7.0 %
•    एमएसएफ - 7.0 %
•    आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए विकास दर के अनुमान को 7.6% पर और अच्छे मानसून की उम्मीद और मजबूत आपूर्ति तंत्र के मद्देनजर महंगाई दर के अनुमान को 5% पर यथावत रखा है।

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पश्चिम रेलवे ने मनाया सुरक्षा जागरूकता सप्ताह

उत्‍तर मध्‍य रेलवे द्वारा 6 जून से 10 जून तक ‘अंतरराष्ट्रीय स्तर क्रासिंग जागरूकता सप्‍ताह’ मनाने की शुरुआत सोमवार, 6 जून को की गई. 
•    इस मौके पर मानवरहित लेवल क्रासिंग के विषय में उ.म.रे. के मंडलों - इलाहाबाद, झांसी, आगरा - के विभिन्‍न स्‍टेशनों एवं प्रमुख स्‍थानों पर जागरूकता अभियान चलाया गया. 
•    अंतरराष्ट्रीय स्तर क्रासिंग सप्‍ताह प्रत्‍येक वर्ष मनाया जाता है.
•    इस सप्‍ताह को मनाए जाने का मुख्‍य उद्देश्‍य मानवरहित लेवल क्रासिंग के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करना है, ताकि रेलवे लेवल क्रासिंग पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके. 
•    उत्‍तर मध्‍य रेलवे प्रशासन द्वारा जागरूकता सप्‍ताह के अंतर्गत रेडियो, एफएम एवं टीवी चैनलों के माध्‍यम से तीनों मंडलों में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है. 
•    इस दौरान यात्रियों एवं आम नागरिकों को जागरूकता से संबंधित पर्चे आदि का वितरण किया जा रहा है.
•    इसके अतिरिक्‍त जागरूकता के प्रचार-प्रसार में उत्‍तर मध्‍य रेलवे भारत स्‍काउट एवं गाइड, सांस्‍कृतिक संगठन, सिविल डिफेंस, रेलवे स्‍पोर्टस आदि के सदस्‍यों की सेवाएं ली जा रही हैं.
•    ग्रामीण मेलों, ग्राम पंचायतों, ग्राम सभाओं में मानवरहित लेवल क्रासिंग पर दुर्घटना की रोकथाम के लिए सांस्‍कृतिक कार्यक्रम, नुक्‍कड़ नाटक, टूर्नामेंट, दौड़ प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया जा रहा है. 
•    स्‍कूलों एवं कालेजों में गैरसरकारी संस्थाओं (एनजीओ) की सहायता से लेवल क्रासिंग जागरूकता स्‍लोगन पर आधारित स्‍कूल बैग, पेंसिल बॉक्स, लंच बॉक्स आदि का वितरण किया जा रहा है.
•    इस सप्‍ताह के दौरान लेवल क्रासिंगों पर आरटीओ, स्थानीय पुलिस एवं रेलवे सुरक्षा बल के जवानों की सहायता से स्‍पेशल जांच अभियान भी चलाया जा रहा है. 

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