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केंद्र सरकार पर्यावरण संतुलन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है

केंद्र सरकार पर्यावरण संतुलन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है ,इसके लिए सरकार दुनियाभर से तकनीकी व वित्तिय सहायता जुटाएगी।  
•    पंचकुला जिला के पिंजौर क्षेत्र के गिद्ध संरक्षण प्रजनन केंद्र में एशिया का पहला ‘जिप्स वल्चर रि-इंटरोडकशन प्रोग्राम’ लांच किया गया.
•    हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल नेपौधारोपण भी किया और गिद्ध संरक्षण प्रजनन केंद्र से दो गिद्धों (हिमालयन ग्रीफोनस प्रजाति) को स्वच्छंद किया। 
•    इन गिद्धों की पहचान के लिए उनको टैग लगाए गए और पैरों में छल्ला लगाया गया। 
•    भारत में आज वन क्षेत्र मात्र 20 प्रतिशत बचा है जबकि सरकार ने इसको 33 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। 
•    लोगों को वनों की खेती करने तथा दूसरी फसलों के साथ खेत की मेड़ पर पेड़ लगाने के लिए भी किसानों को प्रेरित किया जाएगा। 
•    उन्होंने आज यहां से मध्यप्रदेश के लिए वहां के वन्य अधिकारियों को 10 गिद्ध भी सौंपे। 
•    इस अवसर पर एक गिद्ध का नाम जोध सिंह रखा गया। 
•    मानव की गलतियों के कारण आज वन्य प्राणियों की कई प्रजातियां लुप्त होने के कगार पर हैं जिसके कारण प्राकृतिक असंतुलन पैदा हो गया है। 
•    गिद्धों की संख्या देश से करीब 95 प्रतिशत लुप्त हो चुकी है। इनकी संख्या को बढ़ाने के लिए आज जंगल के खुले वातावरण में छोड़ा जा रहा है। 
•    करीब 15 साल पहले पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में गिद्ध की संख्या बढ़ाने की दिशा में कोशिश की गई थी जिसके सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। 
•    देश में गिद्ध के संरक्षण एवं संवर्धन में ‘मुंबई नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी’ भी सहयोग कर रही है। 
•    राज्य सरकार शिवालिक और अरावली क्षेत्र में भी वन संरक्षण एवं प्रकृति संरक्षण के लिए प्रयासरत है।
•    मोरनी क्षेत्र में 500 एकड़ में हर्बल पार्क बनाया जाएगा।  

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भारत और ट्यूनिशिया ने सूचना प्रौद्योगिकी और परम्परागत हस्तशिल्प के विकास में आपसी सहयोग बढ़ने हेतु 2 जून 2016 को सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किये. ट्यूनिश में दोनों देशों के बीच प्रतिनिधि स्तर की वार्ता के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये.
•    भारत और ट्यूनीशिया के बीच संबंधों को मजबूत करना और नये क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना उपराष्ट्र्पति हामिद अंसारी का श्री इसिद के साथ मिलने का प्रमुख मुद्दा है
•    सूचना तकनीक और हथकरघा के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए.
•    क्षेत्रीय और वैश्विक दोनों स्तर पर आपसी हित के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ाने पर चर्चा हुई.
•    अंसारी ने संयुक्त् राष्ट्र् सुरक्षा परिषद को लेकर ट्यूनीशिया द्वारा किए गये भारत के समर्थन की भी सराहना की.
•    उपराष्ट्र पति ने ट्यूनीशिया के करीब 350 नागरिकों को अगले पांच वर्षों में भारत आने का भी निमत्रंण दिया.
•    यहाँ वे विभिन्न संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे.

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सिंधु घाटी सभ्यता 8000 वर्ष पुरानी: आईआईटी खड़गपुर रिसर्च

हरियाणा के भिर्राना नामक स्थान पर की गयी खुदाई एवं शोध कार्यों से यह पता चला है कि सिंधु घाटी सभ्यता हमारे पूर्वानुमान से काफी पहले विद्यमान थी. साथ ही, यह भी पता चला है कि जलवायु परिवर्तन ही हड़प्पा सभ्यता के विनाश का कारण नही था.
•    आईआईटी खड़गपुर, पुरातत्व इंस्टिट्यूट, डेक्कन कॉलेज ऑफ़ पुणे, भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा यह अध्ययन किया गया.
•    इस शोध की जानकारी नेचर साइंटिफिक में 25 मई 2016 को प्रकाशित की गयी. इस अध्ययन के अनुसार यहां से प्राप्त किये गये बर्तन लगभग 8000 वर्ष पुराने हैं.
•    भिर्राना नामक स्थान पर सिंधु घाटी सभ्यता के हड़प्पा सभ्यता के आरम्भिक काल से इसके परिपक्व होने तक के अवशेष मिलते हैं.
•    अब तक प्राप्त सबसे पुराने बर्तनों के अवशेषों के अध्ययन से पता चलता है कि यह लगभग 6000 वर्ष पुराने हैं.
•    हड़प्पा काल से पहले के अध्ययन से पता चलता है कि यह सभ्यता 8000 वर्ष से भी पुरानी थी.
•    इसका अर्थ यह हुआ कि पहले के अनुमानों की अपेक्षा 2500 वर्ष अधिक पुरानी है.
•    शोधकर्ताओं ने इन स्थानों से प्राप्त अवशेषों के आधार पर ऑक्सीजन आइसोटोप रचना द्वारा जलवायु परिवर्तन के कारणों का पता लगाया.
•    शोध में पाया गया कि पिछले 7000 वर्षों में मानसून के लगातार कमज़ोर होने के बावजूद सभ्यता विलुप्त नहीं हुई अपितु उन्होंने अपनी खेती के नए तरीकों से खेती में सुधार किया.
•    वे गेंहूं की खेती की अपेक्षा धान की खेती अधिक करने लगे.
•    घरों में स्टोर की सुविधा कम थी लेकिन सभ्यता के परिपक्व होने पर यह प्रणाली भी विकसित की गयी.
•    इस स्थान की खुदाई 2005-2006 में स्वर्गीय डॉ एल एस राव द्वारा की गयी.
•    शोधकर्ताओं का मानना है कि सिंधु घाटी सभ्यता का विस्तार भारत के बड़े हिस्से में था. इसका विस्तार सिंधु नदी से लेकर विलुप्त हो चुकी सरस्वती नदी के किनारे तक था. 
•    पुरातन सभ्यता में गांव कृषि आधारित थे जबकि परिपक्व सभ्यता में निवासियों का एशिया के विभिन्न स्थानों तक व्यापर होता था.

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देश में खुलेंगे 6 नए IIT, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में छह नए आइआइटी खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 
•    ये तिरुपति, पलक्कड़, धारवाड़, भिलाई, गोवा और जम्मू में खोले जाएंगे। 
•    इसके अलावा धनबाद के इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स (आइएसएम) को आइआइटी के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। 
•    ऐसा करने के लिए 1961 के अधिनियम में संशोधन होगा।
•    मंत्रिमंडल ने आंध्र प्रदेश में एनआइटी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी) की स्थापना को भी मंजूरी दी। 
•    इस समय यह केंद्र प्रदेश सोसायटी पंजीकरण अधिनियम,2001 के तहत पंजीकृत है। 
•    इसके लिए मंत्रिमंडल ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी, साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च संशोधन विधेयक, 2016 लाने को मंजूरी दी।
•    प्रस्तावित संशोधनों से देश में उच्च शिक्षा संस्थानों में आमजन की जवाबदेही के साथ हिस्सेदारी बढ़ेगी और साथ ही प्रशासनिक व शैक्षणिक गतिविधियों में भी सक्रियता बढ़ेगी।

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