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रेलवे मंत्रालय ने रेल हमसफर सप्ताह आरंभ किया

रेलवे मंत्रालय ने 26 मई 2016 को रेल हमसफर सप्ताह आरंभ किया. 
•    इसका उद्देश्य रेलवे मंत्रालय द्वारा यात्रियों की सुरक्षा के लिए किये गये उपायों पर प्रकाश डालना है.
•    रेल हमसफर सप्ताह 1 जून 2016 तक मनाया जायेगा.
•    इस सप्ताह के प्रत्येक दिन को एक विशेष विषय प्रदान किया गया है:
•    26 मई : स्वच्छता दिवस
27 मई : सत्कार दिवस
28 मई : सेवा दिवस
29 मई : सतर्कता दिवस
30 मई : सामंजस्य दिवस
31 मई : संयोजन दिवस
1 जून : संचार दिवस
•    सभी ज़ोनल रेलवे दफ्तरों में यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यात्री सुविधा क्रियाकलापों को पूरा किया जायेगा.
•    26 मई को स्टेशनों एवं रेलगाड़ियों में स्वच्छता पर बल दिया जायेगा. स्टेशनों पर की गयी स्वच्छता की जीएम एवं डीआरएम द्वारा निगरानी की जाएगी. 
•    27 मई को स्टेशनों एवं ट्रेनों में पानी की व्यवस्था की जांच की जाएगी. साथ ही गाड़ियों में पैंट्री कार की भी जांच एवं निगरानी की जाएगी.
•    28 मई को 10 से 4 बजे तक ट्रेनों की आवाजाही पर ध्यान दिया जायेगा तथा उन्हें समयसारणी के अनुसार ही चलाया जाना सुनिश्चित किया जायेगा.
•    29 मई को सभी ज़ोनल रेलवे स्टेशनों पर समयनिष्ठा एवं टिकट चेकिंग ड्राइव चलायी जाएगी.
•    30 मई को रेलवे स्टाफ कॉलोनियों की निगरानी की जाएगी. इन कॉलोनियों में सफाई अभियान चलाया जायेगा तथा सुविधाओं का आकलन किया जायेगा. 
31 मई को डीआरएम एवं जीएम अपने स्टाफ के साथ बैठक आयोजित करेंगे तथा विभिन्न सुधारों एवं आवश्यकताओं पर चर्चा करेंगे.
15 जून को डीएआरएम एवं जीएम इस एक सप्ताह के दौरान किये गये कार्यों  एवं गतिविधियों की समीक्षा करेंगे.

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किशोर न्याय अधिनियम के मसौदा मॉडल नियमों का विमोचन

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए मौजूदा नियमों को निरस्त करने के लिए मसौदा मॉडल नियमों का विमोचन किया।
•    मसौदा नियमों में बच्चों की विकास जरूरतों और बच्चों के अनुकूल प्रक्रियाओं का ख्याल रखा गया है। 
•    मसौदा नियमों के अलावा एक व्यापक फार्म भी तैयार किया गया है ताकि मानकीकरण और विहित प्रक्रिया को सरल किया जा सके।
•    नियमों के तहत बच्चों के घर, खुले आश्रय और प्रेक्षण और विशेष घरों के माध्यम से बच्चों के पुनर्वास और पुन: एकीकरण का भी प्रावधान है।
•    नियम एक बहु अनुशासनिक समिति द्वारा तय किए गए हैं जिसमें अध्यक्ष के तौर पर एक वरिष्ठ न्यायाधीश और सदस्यों के रुप में वरिष्ठ अधिवक्ताओं को शामिल किया गया है। 
•    किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण समिति के सदस्य और मानसिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इसमें शामिल हैं।
•    जब किसी बच्चें द्वारा कोई कानून-विरोधी या समाज विरोधी कार्य किया जाता है तो उसे किशोर अपराध या बाल अपराध कहते हैं। 
•    कानूनी दृष्टिकोण से बाल अपराध 8 वर्ष से अधिक तथा 16 वर्ष से कम आया के बालक द्वारा किया गया कानूनी विरोधी कार्य है जिसे कानूनी कार्यवाही के लिये बाल न्यायालय के समक्ष उपस्थित किया जाता है। 
•    भारत में बाल न्याय अधिनियम 1986 (संशोधित 2000) के अनुसर 16 वर्ष तक की आयु के लड़कों एवं 18 वर्ष तक की आयु की लड़कियों के अपराध करने पर बाल अपराधी की श्रेणी में सम्मिलित किया गया है। 

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कैबिनेट ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची को संशोधित करने स्‍वीकृति दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने पांच राज्‍यों असम, छत्तीसगढ़, झारखंड, तमिलनाडु, त्रिपुरा में अनुसूचित जनजाति की सूची में संशोधन और केन्‍द्र शासित प्रदेश पुद्दुचेरी में नये समुदायों की पहचान के लिए संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश, 1950 में कुछ संशोधनों के लिए संसद में दो विधेयकों को प्रस्‍तुत किए जाने को अपनी स्‍वीकृति दे दी है।
  
•    असम - i) बोरो, बोरो कचारी, बोडो, बोडो कचारी, ii) कर्बी(मिकिर)
•    छत्‍तीसगढ़ - iii)भुइन्‍या, भुइयां, भुयां, iv) धनुहार / धनुवार, v) किसान, vi) सौनरा, साओनरा, vii) धनगड
•    झारखंड -  viii)भोगता, देशवारी, गंझू, दौतलबंदी,  (दवालबंदी), पतबंदी, राउत, माझिआ, खैरी (खेरी), ix)  पूरन
•    तमिलनाडु -  x) मलयाली गोंडर, xi) नारिकोरावन,  कुरिविक्‍करन
•    त्रिपुरा - xii) दारलोंग
•    पुद्दुचेरी - xiii) इरूलर (विल्‍ली और वेट्टाइकरण सहित)
•    इस विधेयक के अधिनियम हो जाने के बाद, अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल समुदायों के सदस्‍य मौजूदा योजनाओं के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति के लिए मिलने लाभ प्राप्‍त करने में सक्षम हो जाएगें। 
•    इस प्रकार की कुछ प्रमुख योजनाओं में पोस्‍ट मैट्रिक स्‍कॉलरशिप, नेशनल ओवरसीज स्‍कॉलरशिप, शीर्ष स्‍तर की शिक्षा, राष्‍ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्‍त और विकास निगम से रियायती ऋण, अनुसूचित जनजाति के लड़कों एवं लड़कियों के लिए छात्रावास आदि शामिल हैं। उपर्युक्‍त के अलावा, वे नौकरियों और शिक्षा संस्‍थानों में आरक्षण के लाभ के लिए भी हकदार होंगे।
•    इसके परिणामस्‍वरूप, झारखंड और केन्‍द्र/राज्‍य की सूचियों के अन्‍य पिछड़े वर्गो (ओबीसी)/अति पिछड़े वर्गो(एमबीसी) के मामले में अनुसूचित जनजाति की सूची में वर्तमान प्रविष्‍टियों में संशोधन किया जाएगा।

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देश में खुलेंगे 6 नए IIT, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में छह नए आइआइटी खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 
•    ये तिरुपति, पलक्कड़, धारवाड़, भिलाई, गोवा और जम्मू में खोले जाएंगे। 
•    इसके अलावा धनबाद के इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स (आइएसएम) को आइआइटी के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। 
•    ऐसा करने के लिए 1961 के अधिनियम में संशोधन होगा।
•    मंत्रिमंडल ने आंध्र प्रदेश में एनआइटी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी) की स्थापना को भी मंजूरी दी। 
•    इस समय यह केंद्र प्रदेश सोसायटी पंजीकरण अधिनियम,2001 के तहत पंजीकृत है। 
•    इसके लिए मंत्रिमंडल ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी, साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च संशोधन विधेयक, 2016 लाने को मंजूरी दी।
•    प्रस्तावित संशोधनों से देश में उच्च शिक्षा संस्थानों में आमजन की जवाबदेही के साथ हिस्सेदारी बढ़ेगी और साथ ही प्रशासनिक व शैक्षणिक गतिविधियों में भी सक्रियता बढ़ेगी।

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देश की पहली कैपिटल गुड्स नीति को मंजूरी

केंद्र सरकार ने भारत में पहली बार पूंजीगत सामान उद्योग (कैपिटल गुड्स इंडस्ट्री) के लिए नीति का ऐलान किया है। 
•    कैबिनेट ने नेशनल कैपिटल गुड्स पॉलिसी को मंजूरी दी है। इसका मकसद अगले दस वर्षो में इस उद्योग में निवेश को तीन गुना करने और लगभग सवा दो करोड़ रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
•    कैबिनेट के फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने बताया कि इस उद्योग में अभी देश में कैपिटल गुड्स उद्योग का उत्पादन 2.30 लाख करोड़ रुपये है जिसे वर्ष 2025 तक बढ़ा कर 7.50 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा। इससे बड़ी संख्या में नए रोजगार के अवसर बनेंगे।
•    अभी इस उद्योग में तकरीबन 84 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है जबकि इस नीति का मकसद तीन करोड़ लोगों को रोजगार देने की है। 
•    निर्यात के मामले में भी सरकार ने काफी महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखे हैं। 
•    अभी कैपिटल गुड्स उद्योग के कुल उत्पाद का 27 फीसद निर्यात होता है जबकि पॉलिसी कहती है कि इसे बढ़ा कर 40 फीसद किया जाएगा। 
•    यह नीति सरकार की मेक इन इंडिया के तहत ही लागू होगी। 
•    कैपिटल गुड्स उद्योग को बढ़ावा देने से भारत में तेजी से औद्योगिकीकरण को बल मिलेगा।

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श्री नितिन गडकरी ने इंफ्राकॉन, ई-पेस और उन्नमत इनमप्रो की शुरूआत की

सड़क यातायात एवं राजमार्ग तथा नौवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने हितधारकों का आह्वान किया है कि वे सड़क निर्माण के लिए नवाचारों का बेहतर इस्ते माल करें और दुनियाभर में प्रचलित मानकों का पालन करें। 
•    मंत्रालय ने प्रक्रिया को दुरुस्त‍ करने के लिए कई नीतिगत बदलाव किये हैं और सड़क निर्माण को आसान बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण क्लीारियंस तथा कोष की कमी जैसी समस्याहओं को हल किया है। 
•    उपग्रह आधारित सड़क परिसंपत्ति प्रबंधन प्रणाली, सड़क निर्माण के लिए कंक्रीट का इस्तेपमाल, इलेक्ट्रो निक टॉल संग्रह, इनमप्रो जैसे प्रौद्योगिकीय कदम भी उठाए हैं। 
•    इनका उद्देश्यक सड़क निर्माण में तेजी लाना और पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी तथा प्रभावशाली बनाना है। 
•    श्री गडकरी ने ई-पेस, इंफ्राकॉन और उन्नपत इनमप्रो जैसी सूचना प्रौद्योगिकी पहलों की शुरूआत भी की। 
•    सड़क यातायात एवं राजमार्ग मंत्रालय की इन पहलों को एनएचआईडीसीएल ने विकसित किया है।
•    ई-पेस – इसका लक्ष्यक परियोजनाओं को उन्ननत करना और उनमें लगातार विकास करना है। यह एक ऑनलाइन एकीकृत प्रबंधन सूचना प्रणाली है, जो मंत्रालय की विभिन्न् परियोजनाओं को एक साझा मंच पर एकत्र करती है और उनकी प्रगति की निगरानी करती है। 
•    इंफ्राकॉन – यह संरचना संबंधी परामर्शदाता और प्रमुख कार्मिकों का राष्ट्री य पोर्टल है। यह पोर्टल सड़क इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र में संलग्नय परामर्शदाता तथा प्रमुख कार्मिकों के बीच पुल का काम करता है। 
•    इनमप्रो – यह एक वेब आधारित एप्लिकेशन है, जो संरचना तथा सामग्री प्रदाताओं के लिए काम करता है। यह एक वेब आधारित बाजार है, जहां निर्माण सामग्री उपलब्ध  कराने वाले और उनके खरीदार एक ही स्थाान पर सुविधा प्राप्त  कर सकते हैं। 
•    इनमप्रो की सफलता से प्रेरित होकर इस प्लेुफॉर्म पर इस्पानत जैसी अन्य् निर्माण सामग्रियों को भी सूचीबद्ध किया गया है। इस तरह यह एक समेकित ई-बाजार के रूप में विकसित हो चुका है। 

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इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग - पहली सामाजिक सुरक्षा मंच

भारत का पहला राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा मंच इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (डीईआईटीवाई) विभाग है द्वारा विकसित किया जाएगा।

•    ये फैसला प्रधानमन्त्री मोदी के दखल देने के बाद लिया गया 

•    अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय श्रम, वित्त, और संचार के मंत्रालयों में सामाजिक सुरक्षा लाभ के वितरण के लिए एक बैकबोन की स्थापना करनी ही चाहिए .
•    इस मामले में हालाँकि अभी तक आम सहमती नहीं बन पायी है 
•    वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा था कि सरकार मौद्रिक लाभ सौंपने के लिए एक राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा मंच का विकास करेगी ।

•    इसके बाद,मंत्रालय में आवेदक को प्रमाण पात्र आदि लेने के लिए लाइन में लगना नहीं पडेगा .
•    इससे लाभ सीधा सीधा जनता को मिलना आसान हो जाएगा साथ ही इससे बिचौलियों पर काबू पाना आसान हो जाएगा .
•    इससे अलग अलग राज्यों में चल रहे योजनाओं का भी अंदाजा लगाया जा सकता है .

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केन्द्र सरकार ने बौद्धिक सम्पयदा अधिकार नीति की घोषणा की

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 12 मई 2016 को राष्ट्रीरय बौद्धिक सम्पवदा अधिकार नीति को मंजूरी दे दी. इस आईपीआर नीति से रचनात्म कता और नवाचार के साथ-साथ उद्यमिता तथा सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.
•    इस नीति का उद्देश्यऔ बौद्धिक सम्पवदा अधिकारों के आर्थिक-सामाजिक और सांस्कृषतिक लाभों के बारे में समाज के हर वर्ग में जागरूकता लाना है.
•    वित्तबमंत्री ने कहा कि नई नीति से खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा.
•    औद्योगिक नीति और संवर्द्धन विभाग बौद्धिक सम्पनदा अधिकार नीति के समन्वयय, क्रियान्‍वयन और विकास के लिए नोडल विभाग होगा.
•    बौद्धिक सम्पवदा अधिकार नीति देश की बौद्धिक सम्प दा के संरक्षण और विकास की रूपरेखा तैयार करेगी.
•    इसके तहत प्रत्ये‍क व्यनक्ति अपने नाम और पहचान से अपनी रचना बेच सकेगा.
•    इस नीति को कारगर ढ़ंग से लागू करने के लिए क्षमता निर्माण की जरूरत है.
•    आईपीआर पॉलिसी से अर्थव्यवस्था का विकास होता है और नए-नए इन्वेगन्शन आते हैं, ट्रेड, कॉमर्स, बिजनेस बढ़ता है.
•    अलग-अलग क्षेत्रों के लिए उनको प्रोत्साहन देने हेतु किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था को आईपीआर सिस्टम उसके कानून, उसकी इन्फोजर्समेंट की मशीनरी ये हमेशा मौजूद रहनी चाहिए.

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भारतीय रेल मंत्रालय ने शुरू की ‘भारत दर्शन’

भारतीय रेल मंत्रालय ने तीर्थ यात्रियों को बड़ी सुविधा देते हुए ‘भारत दर्शन’ ट्रेन की शुरुआत की है। यह ट्रेन तीर्थयात्रियों को कई तीर्थस्थानों के दर्शन कराएगी। ट्रेन का सफ़र होगा 15 दिनों का होगा
•    भारतीय रेल मंत्रालय ने तीर्थयात्रियों के लिए ‘भारत दर्शन’ नाम से एक ट्रेन की शुरुआत की है।
•    इस ट्रेन में दस डिब्बे लगे हुए हैं, और इसका पूरा सफ़र 15 दिनों का है।
•    यह ट्रेन 8 मई को अपनी पहली यात्रा से पहले टेस्ट के लिए चंडीगढ़ से रवाना हुई।
•    जिसके तहत यह ट्रेन दिल्ली से होते हुए अयोध्या, वाराणसी, गया, बैद्द्यानाथ धाम, जगन्नाथ पुरी से होते हुए गंगासागर पहुंचेगी।
•    भारतीय रेल मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, “यह ट्रेन तीर्थयात्रियों को बजट फ्रेंडली पैकेज की सुविधा देगी। 
•    इस ट्रेन में सफर के लिए एक यात्री को  एक दिन का 830 रुपये किराया चुकाना होगा 
•    यह ट्रेन महत्व0पूर्ण धार्मिक स्था नों को कवर करेगी”।
•    इस ट्रेन में प्रशिक्षित टूर मैनेजर भी उपलब्ध होंगे।
•    रेल मंत्रालय ने ‘भारत दर्शन’ पैकेज में रेल यात्रा, सड़क परिवहन, ठहरने की व्यजवस्थाम, भोजन की व्य्वस्थार और तीर्थ स्थाेनों के दर्शन सभी को सम्मिलित किया है।
•    इस योजना के तहत यह ट्रेन सात ज्योइतिर्लिंगों की यात्रा भी कराएगी, जिसके लिए यह ट्रेन 23 मई को ही चंडीगढ़ से रवाना होगी।
•    इसके अलावा ट्रेन शिरडी समेत दक्षिण दर्शन की यात्रा भी कराएगी, इस रूट पर ट्रेन को 27 जून को भेजा जायेगा 

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प्रधानमंत्री द्वारा बलिया में राष्ट्रीय उज्जवला योजना का आरंभ

1 मई 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश स्थित बलिया से प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (पीएमयूवाई) का आरंभ किया गया.
•    इस योजना का उद्देश्य अगले तीन वर्षों में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले पांच करोड़ लोगों को एलपीजी गैस कनेक्शन प्रदान करना है.
•    पीएम उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 5 करोड़ बीपीएल परिवारों को एलपीजी कनेक्शन दिए जायेंगे.
•    वित्त मंत्री ने 2016-17 के बजट भाषण में 2000 करोड़ रुपये की बजट राशि की घोषणा के साथ इस योजना की जानकारी दी थी.
•    एलपीजी कनेक्शन देश के शहरी एवं अर्द्ध शहरी क्षेत्रों में अधिकता से मौजूद है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत कम संख्या में लोगों के पास यह कनेक्शन मौजूद हैं.
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, प्रत्येक वर्ष पांच लाख लोग हृदयरोग एवं श्वास समस्याओं के कारण मारे जाते हैं.
•    घरेलू वायु प्रदूषण के कारण युवाओं में श्वास संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं.
पांच करोड़ एलपीजी कनेक्शन देने के लिए बीपीएल परिवारों को 1600 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी.
•    महिला लाभार्थियों को यह कनेक्शन दिए जायेंगे.
•    बीपीएल परिवारों की पहचान राज्य सरकारों और संघ शासित प्रदेशों के परामर्श से की एगी.

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