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भारत एमटीसीआर का 35वां सदस्य बना

भारत 27 जून 2016 को मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था/एमटीसीआर (MTCR) का 35वां सदस्य बना. भारत की ओर से विदेश सचिव जयशंकर ने इसपर हस्ताक्षर किए.
इसके तहत भारत मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) में पूर्ण सदस्य के तौर पर शामिल हो गया. भारत के विदेश सचिव एस जयशंकर ने फ्रांस के राजदूत एलेग्जेंडर जीगलर, नीदरलैंड के राजदूत एल्फोनस स्टोलिंगा और लग्जमबर्ग के प्रभारी (चार्ज डी एफेयर्स) लॉरे हुबर्टी की मौजूदगी में इसके सदस्यता पत्र पर हस्ताक्षर किए.
•    भारत की सदस्यता का 34 सदस्य देशों ने समर्थन किया. 
•    चीन एमटीसीआर का सदस्य नहीं है.
•    अमेरिका के साथ असैन्य परमाणु संधि के बाद से ही भारत एनएसजी, एमटीसीआर, द ऑस्ट्रेलिया ग्रुप और वासेनार अरेंजमेंट जैसे निर्यात नियंत्रण समूहों में प्रवेश की कोशिश करता रहा है. 
•    ये समूह पारंपरिक, परमाणु, जैविक एवं रासायनिक हथियारों और प्रौद्योगिकियों का नियमन करते हैं.
•    एमटीसीआर की सदस्यता अब भारत को उच्च स्तरीय मिसाइल प्रौद्योगिकी खरीदने और रूस के साथ अपने साझा उपक्रमों को बढ़ाने का अवसर देगी.
•    एमटीसीआर का उद्देश्य मिसाइलों, पूर्ण रॉकेट तंत्रों, मानवरहित वायुयानों और कम से कम 300 किलोमीटर तक 500 किलो वजन का पेलोड ले जा सकने वाली प्रणालियों के प्रसार को रोकना है. 
•    इसके साथ ही इसका उद्देश्य सामूहिक जनसंहार के हथियारों की आपूर्ति के लिए बनी प्रणालियों को भी रोकना है.

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केंद्र सरकार ने जिला स्तर पर सलाहकार एवं निगरानी समितियों के गठन को मंजूरी दी

22 जून 2016 को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने जनता केंद्रित नियोजन एवं नई शहरी विकास योजनाओँ के कार्यान्वयन को बढ़ावा देने के लिए  जिला स्तर पर सलाहकार एवं निगरानी समितियों के गठन को मंजूरी दे दी.
•    इन समितियों में देश के निर्वाचित प्रतिनिधि होंगे, इसलिए सांसदों (एमपी) और विधान सभा के सदस्यों (विधायकों) की उपस्थिति शहरी विकास योजनाओं के कार्यान्वयन को सही दिशा देंगे. 
•    अपनी तरह की पहली, ये समितियां शहरी विकास, सस्ते आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों का पर्यवेक्षण, समीक्षा और निगरानी करेंगी.
•    स्वच्छ भारत मिशन
•    अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन (अमरुत)
•    विरासत शहर विकास एवं संवर्धन योदना (हृदय)
•    प्रधानमंत्री आवास योजना–सब के लिए घर (शहर) और
•    दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन
•    जलापूर्ति जैसे सेवा स्तर के संकेतकों में सुधार की समीक्षा.
•    ई– गवर्नेंस पर फोकस के साथ सुधारों के कार्यान्वयन और निर्माण परमिट को मंजूर कराने में आसानी की प्रगति की समीक्षा.
•    कार्यान्वयन में आ रही बाधाओँ पर राज्य एवं केंद्र सरकारों को परामर्श देना.
•    • कार्यान्वयन के मध्य में सुधार सुझाव प्रदान करना.
•    विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की सुविधा.
•    केंद्र/ केंद्र शासित प्रदेश द्वारा संसद के वरिष्ठतम सदस्य को समति का अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा और दो और सांसद-लोकसभा और राज्य सभा से एक–एक, सह-अध्यक्ष होंगे। 
•    शहरी स्थानीय निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले संबंधित जिलों के सभी विधायक और मेयर.
•    शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्ष.
•    जिला में शहरी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी.
• लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के वरिष्ठतम प्रतिनिधि.
•    जल बोर्ड और सीवरेज बोर्ड जैसे निकायों के वरिष्ठतम अधिकारी.
•    महानगरों के जिलाअधिकारी या नगरनिगम आयुक्त सदस्य सचिव होंगे.

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प्रधानमंत्री ने स्मार्ट सिटी मिशन और अमृत के पहली वर्षगांठ समारोह में शिरकत की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी आज पुणे में स्‍मार्ट सिटी मिशन और अमृत की पहली वर्षगांठ समारोह में शामिल हुए।
•    समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसा चलन देखने में आ रहा है जहां शहर विकास के पथ पर एक दूसरे से प्रतिस्‍पर्धा कर रहे हैं। 
•    उन्‍होंने कहा कि  जन भागीदारी की भावना के साथ विकास कार्यों में एक दूसरे के साथ प्रतिस्‍पर्धा करने का यह एक सकारात्‍मक  माहौल है। 
•    उन्‍होंने शहर के लोगों को अपने क्षेत्र के विकास के निर्णय खुद लेने पर जोर दिया उन्‍होंने कहा कि इस तर‍ह निर्णय दिल्‍ली में बैठकर नहीं लिये जा सकते। उन्‍होंने कहा कि सहभागी प्रशासन की भावना काफी महत्‍वपूर्ण्‍ है।
•    उन्‍होने कहा कि एक समय था जब शहरीकरण को एक समस्‍या के रूप में देखा जाता था लेकिन आज इसे एक अवसर के रूप में देखा जाता है।
•    उन्‍होंने कहा कि शहर एक विकास केन्‍द्र हैं जिसमें लोगों की परेशानियों को दूर करने की क्षमता है।
•    प्रधानमंत्री ने शहरों द्वारा ठोस अपशिष्‍ट प्रबंधन पर ध्‍यान देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
•    इससे पहले, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्रियों ने विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये विशाखापत्‍तनम, ओडिशा और राजस्‍थान से समारोह को संबोधित किया और अपने विचार साझा किये। 
•    प्रधानमंत्री ने स्‍मार्ट सिटी नेट पोर्टल्‍ और पुणे की स्‍मार्ट सिटी परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया। उन्‍होंने ‘ मेक्‍ योअर सिटी स्‍मार्ट ‘ प्रतियोगिता की शुरूआत की।

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वस्‍त्र एवं परिधान क्षेत्र में रोजगार के सृजन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आगामी 3 वर्षों में वस्‍त्र एवं परिधान उद्योग में एक करोड़ नौकरियों का सृजन करने के लिए सुधार पैकेज की घोषणा की है। इस पैकेज में कुछ उपाय शामिल हैं जो श्रमिकों के अनुकूल हैं और रोजगार सृजन, बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं तथा निर्यात को बढ़ावा देंगे। इन उपायों से आगामी 3 वर्षों में निर्यात में 30 बिलियन अमरीकी डॉलर की संचयी वृद्धि होगी और 74,000 करोड़ रु. का निवेश होगा। 

•    अधिकांश नई नौ‍करियां महिलाओं को मिलने की संभावना है क्‍योंकि परिधान उद्योग लगभग 70% महिलाओं को रोजगार प्रदान करता है। इस प्रकार यह पैकेज महिला सशक्तिकरण के माध्‍यम से सामाजिक परिवर्तन में सहायक होगा। 
•    घो‍षित किए गए पैकेज की मुख्‍य विशेषताएं निम्‍नलिखित हैं : 
•    कर्मचारी भविष्‍य निधि योजना में सुधार 
•    भारत सरकार 15000 रु. प्रतिमाह से कम आय वाले परिधान उद्योग के नए कर्मचारियों को प्रथम तीन वर्षों के लिए कर्मचारी भविष्‍य निधि योजना के नियो‍क्‍ता अंशदान का समग्र 12 % वहन करेगी। 
•    वर्तमान में प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्‍साहन योजना (पीएमआरपीवाई) के अंतर्गत सरकार द्वारा पहले ही नियो‍क्‍ता के अंशदान का 8.33% प्रदान किया जा रहा है। वस्‍त्र मंत्रालय आगामी 3 वर्षों में कर्मचारी के अंशदान का 3.67% अतिरिक्‍त प्रदान करेगी जो 1170 करोड़ रु. की राशि होगी। 
•    ईपीएफ 15000 रु. प्रतिमाह से कम आय वाले कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक बनाया जाएगा। 
•    इससे कामगारों के हाथ में और पैसे आएंगे तथा औपचारिक क्षेत्र में रोजगार संवर्धन भी होगा। 
•    ओवर टाइम सीमा में वृद्धि करना 
•    आईएलओ मापदंडों के अनुरूप कामगारों के लिए ओवर टाइम घंटे प्रति सप्‍ताह 8 घंटे से अधिक नहीं होगा। 
•    इससे कामगारों की आय में वृद्धि होगी । 
•    निर्धारित अवधि रोजगार की शुरूआत 
•    उद्योग की मौसमी प्रकृति को देखते हुए, परिधान क्षेत्र के लिए निर्धारित अवधि रोजगार की शुरूआत की जाएगी। 
•    कार्य के घंटों, मजदूरी, भत्‍ते और अन्‍य सांविधिक देयताओं के संबंध में एक निर्धारित अवधि कामगार को स्‍थायी कामगार के बराबर समझा जाएगा। 
•    ए-टफ्स के अंतर्गत अतिरिक्‍त प्रोत्‍साहन 
•    यह पैकेज रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के रूप में संशोधित टफ्स के अंतर्गत परिधान क्षेत्र के लिए सब्सिडी को 15 % से बढ़ाकर 25 % करके इनपुट से आउटकम आधारित प्रोत्‍साहन तक लाकर नई संभावनाएं उपलब्‍ध कराएगा। 
•    इस योजना की एक मुख्‍य विशेषता संभावित नौकरियों का सृजन होने के पश्‍चात ही सब्सिडी प्रदान करने की होगी। 
•    बढ़ी हुई शुल्‍क प्रतिदाय कवरेज
•    अभी तक रिफंड नहीं की गई राज्‍य लेवियों का रिफंड करने के लिए लागू की गई नई योजना अपनी तरह का एक पहला कदम होगी। 
•    इस कदम से राजकोष पर 5500 करोड़ रु. का भार आने की संभावना है किन्‍तु इससे विदेशी बाजारों में भारतीय निर्यातों की प्रतिस्पर्धात्मकता में काफी वृद्धि होगी। 
•    इनपुट पर अदा किए गए घरेलू शुल्‍क के लिए ऑल इंडस्‍ट्री रेट पर अग्रिम प्राधिकार योजना के अंतर्गत फैब्रिक का आयात करने पर भी ड्रॉबैक प्रदान किया जाएगा। 
•    आयकर अधिनियम की धारा 80जेजेएए के दायरे को बढ़ाना 
•    परिधान उद्योग की मौसमी प्रकृति को देखते हुए आयकर अधिनियम की धारा 80 जेजेएए के अंतर्गत परिधान उद्योग के लिए 240 दिन के प्रावधान में ढ़ील देते हुए 150 दिन किया जाएगा।

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स्टार्ट अप को धन समर्थन देने के लिए कोषों के कोष की स्थापना

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आज भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सीडबी) में स्टार्ट अप के लिए कोषों के कोष (एफएफएस) की स्थापना को मंजूरी दे दी। यह कोष भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से पंजीकृत वैकल्पिक निवेश कोषों (एआईएफ) में योगदान करेगा। एआईएफ स्टार्ट अप को कोष समर्थन देंगे। यह जनवरी 2016 सरकार द्वारा लाई गई स्टार्ट अप इंडिया कार्य योजना के अनुरूप है। 
•    14वें और 15वें वित्त आयोग के काल में दस हजार करोड़ रुपए का एफएफएस कॉर्पस बनाया जाएगा। यह योजना की प्रगति और कोष उपलब्धता की शर्त के साथ होगा। एफएफएस कॉर्पस में 2015-16 में 500 करोड़ रुपए दिए गए और एफएफएस कॉर्पस के लिए 2016-17 में 600 करोड़ रुपए का आवंटन है। आशा है कि इस कोष से 18 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। 
•    औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग द्वारा कुल बजटीय समर्थन से अनुदान सहायता का प्रावधान किया जाएगा। औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग स्टार्ट अप इंडिया कार्य योजना के अनुरूप कार्य की समीक्षा करेगा। 
•    एफएफएस औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग की स्टार्ट अप इंडिया कार्य योजना से बना है। एफएफएस के दैनिक कार्य संचालन प्रबंधन के लिए सिडबी की विशेषज्ञता का उपयोग किया जाएगा। 
•    कार्य प्रदर्शन की निगरानी और समीक्षा को स्टार्ट अप कार्य योजना के लागू होने से जोड़ा जाएगा ताकि समय-सीमा में और उपलब्धियों के अनुसार योजना लागू हो सके। 
•    10 हजार रुपए का कॉर्पस 60 हजार करोड़ रुपए के इक्विटी जुटाने का केन्द्र बिन्दु होगा। इससे स्टार्ट अप उद्यमों के लिए स्थायी धन स्रोत मिलेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में मदद मिलेगी।
•    बड़े स्तर पर रोजगार सृजन के लिए स्टार्ट अप के माध्यम से नवाचार प्रेरित उद्यम और कारोबार में तेजी लाना महत्वपूर्ण है। उद्यम पूंजी के बारे में एक विशेषज्ञ समिति ने कहा है कि भारत में अगले दस वर्षों में उच्च स्तरीय 2500 कारोबार स्थापित करने की क्षमता है और इस उद्यम सफलता के लिए 10 हजार स्टार्ट अप फैलाने की आवश्यकता होगी।
•    स्टार्ट अप के समक्ष अनेक चुनौतियां हैं। इनमें घरेलू जोखिम पूंजी की सीमित उपलब्धता, पारंपरिक बैंक वित्त की अड़चनें, सूचना एकत्रीकरण की असमर्थता और साख एजेंसियों के समर्थन का अभाव है। बड़ी संख्या में सफल स्टार्ट अप को विदेशी उद्यम पूंजी कोषों ने धन दिया है और कई स्टार्ट अप ऐसे धन पोषण के लिए देश से बाहर स्थापित होने की कोशिश में है।
•    फंड ऑफ फंड्स को चलाने के लिए एक समर्पित कोष बनाने से इन समस्याओं का समाधान निकलेगा और नवाचारी स्टार्ट अप को सहायता मिलेगी ताकि वे पूर्ण कारोबार वाले उद्यम हो सकें। इसके लिए स्थापना स्तर, प्रारंभिक स्तर और विकास स्तर पर समर्थन आवश्यक है। व्यक्तिगत कोष में सरकारी योगदान से निवेशक को निजी पूंजी में भागीदारी के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और इससे व्यापक संसाधनों को जुटाने में मदद मिलेगी।

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भारत ने राष्ट्रमंडल नागरिकों के लिए पूरी तरह वित्त पोषित पाठ्यक्रम शुरू किया

भारत ने 23 जून 2016 को राष्ट्रमंडल देशों के नागरिकों के लिए ग्रामीण विकास, नवीकरणीय उर्जा और आईटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में पूरी तरह से वित्त पोषित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किया है. 
•    इस कार्यक्रम का लक्ष्य सदस्य देशों के नागरिकों में क्षमता निर्माण करना है.
•    पाठ्यक्रम भारत द्वारा प्रायोजित है और इसे भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक (आईटीईसी) कार्यक्रम के तहत संस्थानों के जरिए प्रदान किया जाएगा.
•    आईटीईसी ,राष्ट्रमंडल सचिवालय के तीसरी दुनिया के देशों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा है.
•    इसका लक्ष्य सदस्य देशों के नागरिकों को विकासात्मक क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण मुहैया कराकर उनकी क्षमता का निर्माण करना है.
•    भारत ने 2016-17 कार्यक्रम के लिए राष्ट्रमंडल सदस्य देशों के प्रतिभागियों के लिए 30 सीटें आवंटित की हैं.
•    आईटीईसी ,राष्ट्रमंडल सचिवालय के तीसरी दुनिया के देशों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा है जिसका लक्ष्य सदस्य देशों के नागरिकों को विकासात्मक क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण मुहैया कराकर उनकी क्षमता का निर्माण करना है।

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केंद्र सरकार ने खाद्य पदार्थों में पोटेशियम ब्रोमेट के उपयोग पर रोक लगायी

केंद्र सरकार ने 20 जून 2016 को पोटेशियम ब्रोमेट को खाद्य पदार्थों में एडिटिव के तौर पर इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगा दिया है. 
•    गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) ने एक स्टडी में ब्रेड में पोटेशियम ब्रोमेट और पोटेशियम आयोडेट पाये जाने की बात उठाई थी.
•    इन तत्वों से कैंसर होने का अंदेशा बढ़ जाता है. फूड सेफ्टी स्टेंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआइ) ने पोटेशियम आयोडेट का हवाला देते हुए कहा कि इसका मामला एक वैज्ञानिक पैनल को भेजा गया है. एफएसएसएआइ ने पोटेशियम ब्रोमेट को प्रतिबंधित कर दिया है.
•    सीएसई की एक स्टडी में इससे कैंसर होने की आशंका होने की बात सामने आई थी. 
•    सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरोनमेंट (सीएसई) के एक अध्ययन में पाया गया है कि पैक किए हुए ब्रेड के आसानी से उपलब्ध 38 ब्रांडों के करीब 84 प्रतिशत में पोटेशियम ब्रोमेट और पोटेशियम आयोडेट के तत्व पाये गए थे, जो कई देशों में प्रतिबंधित हैं क्योंकि वे जन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक रसायन के रूप में सूचीबद्ध हैं.

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प्रधानमंत्री ने सूर्य नमस्कार पर डाक टिकट जारी किया

21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सूर्य नमस्कार की विभिन्न मुद्राओं पर डाक टिकट जारी किया।
•    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से एक दिन पहले संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय पर रोशनी के जरिए योग मुद्रा की एक तस्वीर को दिखाया जा रहा है
•    दूसरे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने ट्वीट कर कहा कि संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में योग रोशन हो रहा है। 
•    योग दिवस को लेकर न्यूयॉर्क में यूएन मुख्यालय में योग की मुद्रा को प्रचारित किया जा रहा है।
•    यूएन मुख्यालय की इस नई पहल में एक लड़की को 'पर्वतासन' यानी उल्टे 'वी' की मुद्रा में दिखाया है।  इसके नीचे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस लिखा हुआ है।
•    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह के आयोजन में यूएन जनरल एसेंबली के अध्यक्ष मॉरगेन्स लैक्तोफ्त, अंडर सेक्रेटरी क्रिस्टीना गलाच और ईशा फाउंडेशन के संस्थापक और आध्यात्मिक सदगुरु जग्गी वासुदेव शामिल होंगे। सदगुरु ही यहां योग समारोह की अगुवाई भी करेंगे।
•    समारोह में ब्रिटेन की मशहूर सिंगर तान्या वेल्स संस्कृत श्लोकों की संगीतमय प्रस्तुति देंगी। 
•    सैयद अकबरुद्दीन ने बताया कि शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिहाज से योग का अभ्यास बेहद जरूरी है।
•    पूरी दुनिया यह दिन मना रही है और लोगों में योग दिवस को लेकर हर तरफ काफी उत्साह दिख रहा है। पहली बार 135 से ज्यादा देश योग दिवस मनाने जा रहे हैं। 
•    उन्होंने कहा कि योग का जन्म भारत में हुआ था और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भी जन्म भारत में हुआ। लेकिन योग एक समग्र दृष्टिकोण है जिसे वैश्विक स्तर पर बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए।
•    सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि यूएन सेक्रेटरिएट सर्किल में योग दिवस समारोह में शामिल होने के लिए एक सौ से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने पंजीकरण कराया है। 
•    विभिन्न देशों के राजदूत और राजनयिक इस मौके पर योग से जुड़े अपने अनुभवों को साझा करेंगे।

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भारत सरकार के मुताबिक एफडीआई के मामले में ‘भारत’ दुनिया की सबसे खुली अर्थव्यवस्था

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) क्षेत्र में सुधारों की दूसरी किस्त जारी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (20 जून) को कहा कि इनसे भारत एफडीआई के मामले में दुनिया की सबसे खुली अर्थव्यवस्था बन गया है।
•    उन्होंने कहा कि देश में बदलाव लाने के इन प्रयासों के तहत रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। 
•    प्रधानमंत्री ने कहा कि एफडीआई नीति में संशोधन से कारोबार सुगमता की स्थिति में और सुधार आएगा। 
•    अब भारत में विनिर्मित अथवा उत्पादित खाद्य पदार्थों में ई-कामर्स सहित उनके विपणन एवं व्यापार के लिए सरकारी मंजूरी मार्ग के तहत 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति होगी। 
•    प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में सोमवार (20 जून) हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में महत्वपूर्ण सुधारों की घोषणा की गई। बैठक के बाद सरकार ने एफडीआई सुधारों की दूसरी किस्त का ऐलान किया। 
•    इसके तहत नागर विमानन तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी गई है, जबकि रक्षा व फार्मास्युटिकल क्षेत्रों में विदेशी निवेश नियमों को उदार किया गया। मोदी ने ट्विट के जरिए कहा, ‘पिछले दो साल में सरकार ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़े एफडीआई सुधार किए हैं। 
•    भारत अब एफडीआई के लिए दुनिया की सबसे खुली अर्थव्यवस्था हो गया है। 
•    ज्यादातर क्षेत्र अब स्वत: मंजूरी मार्ग के तहत आ गए हैं।’ मोदी ने कई ट्विट के जरिए कहा कि सोमवार (20 जून) के एफडीआई सुधारों से रोजगार, नौकरियों के सृजन को बढ़ावा मिलेगा और अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। 
•    वित्त वर्ष 2015-16 में देश में सबसे ज्यादा 55.46 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया।’ 

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केंद्र सरकार ने रक्षा एवं नागरिक उड्डयन में सौ प्रतिशत एफडीआई को मंजूरी दी

केंद्र सरकार ने रक्षा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को 20 जून 2016 को मंजूरी दे दी. इसके अलावा सिविल एविऐशन में भी सरकार ने 100 प्रतिशत एफडीआई को मंजूरी दी. ब्रॉडकास्टिंग क्षेत्र में भी नियमों में संशोधन करते हुए निवर्तमान एफडीआई को 49 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दिया गया. 
•    रक्षा क्षेत्र (डिफेंस सेक्टर) में आर्म्स एक्ट 1959 के अनुसार छोटे हथियार और उसके पार्ट्स में ही एफडीआई लागू होगा. 
•    वहीं सिविल एविएशन सेक्टर में ब्राउनफिल्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए सौ फीसदी एफडीआई को मंजूरी मिल गई.
•    केंद्र सरकार द्वारा फूड प्रोडक्ट बनाने सहित ऑनलाइन व्यापार में भी एफडीआई को मंजूरी मिल गई है. 
•    इसके साथ ही डीटीएच, मोबाइल टीवी, केबल नेटवर्क व्यापार में भी एफडीआई का रास्ता खुल गया है. 
•    फार्मा सेक्टर में ग्रीनफिल्ड और ब्राउनफिल्ड दोनों में ऑटोमेटिक रूट से पूरी तरह एफडीआई मंजूर हो गई है.
•    प्राइवेट, सिक्योरिटी एजेंसी में 49 फीसदी, वहीं एनिमल हस्बेंडरी में नियंत्रित पर 100 प्रतिशत एफडीआई के प्रस्ताव को मंजूरी मिली.
•    सिंगल ब्रांड खुदरा कारोबार में नियमों में ढील देते हुए तीन और पांच सालों के लिए टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट में पहले से 49 फीसदी एफडीआई को बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दिया गया है.

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