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    भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथ यात्रा निकलेगी 6 जुलाई को, मंदिर में पूजा शुरू

    डालीगंज स्थति श्री राधा माधव मंदिर से 6 जुलाई को रथ यात्रा निकली जाएगी। 
    •    यह यात्रा उड़ीसा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ जी मंदिर की तर्ज पर निकलेगी। रथ पर बलराम, सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ जी की सवारी निकलेगी। 
    •    रथ यात्रा के मौके पर 11 सौ दीपक से आरती की जाएगी। रथ यात्रा से पूर्व मंदिर के श्री माधव सेवा संस्थान की तरफ से मंदिर में श्रीमदभागवत कथा का पाठ चल रहा है।
    •    मंदिर प्रसाशन के अनुसार इस रथ यात्रा में भक्तों को आरती करने का मौका मिलेगा। 11सौ आरती से भक्त रथ की आरती कर सकेंगे। 
    •    रथ यात्रा सुबह 10 बजे निकलेगी। श्री राधामाधव संस्थान के श्याम साहू ने बताया की इस वर्ष रथयात्रा के आगे केले के पत्ते की थाल में धूपदीप के साथ फूल दिए जाएंगे। 
    •    इस वर्ष ग्यारह सौ दीप आरती थल की व्यवस्था की गयी इससे हर भक्त श्रीहरि की सेवा कर सकेगा तथा संस्था के सदस्यो द्वारा यात्रा के दौरान सडक के किनारें तथा समस्त परिवार तथा व्यापारियों को दीपक आरती थाल दी जायेगी।
    •    पौराणिक कथाओं के अनुसार 'राजा इन्द्रद्युम्न' भगवान जगन्नाथ को 'शबर राजा' से यहां लेकर आये थे तथा उन्होंने ही मूल मंदिर का निर्माण कराया था जो बाद में नष्ट हो गया। 
    •    इस मूल मंदिर का कब निर्माण हुआ और यह कब नष्ट हो गया इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं है। 
    •    'ययाति केशरी' ने भी एक मंदिर का निर्माण कराया था। 
    •    वर्तमान 65 मीटर ऊंचे मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी में चोल 'गंगदेव' तथा 'अनंग भीमदेव' ने कराया था। 
    •    परंतु जगन्नाथ संप्रदाय वैदिक काल से लेकर अब तक मौजूद है।

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    असाम सरकार ने कृषि के लिए 100 दिन की योजना शुरू की

    असम के कृषि मंत्री अतुल बोरा ने कृषि, शहरी विकास और पशु चिकित्सा क्षेत्रों के लिए 100 दिन की योजना की घोषणा की।
    •    किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड, एक कोल्ड स्टोरेज सिस्टम, बीज वितरण और शहरी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ई-टेंडरिंग की स्थापना जैसे कुछ उपायों से लैस किया जाएगा 
    •    बोरा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की हालत में उत्थान चाहती है , ताकि युवा पीढ़ी को खेती की ओर आकर्षित किया जा सके ।
    •    योजना के अनुसार, राज्य सरकार 30000 किसानों को 100 दिनों के भीतर पहचान पत्र के साथ-साथ मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड प्रदान करेगी .
    •    इस संख्या को बढ़ाकर 22 लाख किये जाने की तैयारी है 
    •    बुनियादी ढांचे के विकास के हिस्से के रूप में, एक कोल्ड स्टोरेज जोरहाट में स्थापित किया जाएगा, जबकि एक प्रदर्शन-सह-उत्कृष्टता केंद्र बामुनीगाँव में स्थापित किया जाएगा।
    •    किसानों के बीज से संबंधित शिकायतों के समाधान पर विशेष जोर देते हुए ई-टेंडरिंग लागू किया जाएगा और 20,000 क्विंटल बीज बीज ग्राम योजना के भाग के रूप में वितरित किया जाएगा।
    •    पशु चिकित्सा के क्षेत्र में सरकार, सोनितपुर, नलबाड़ी, जोरहाट और कामरूप में सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत 22 पोल्ट्री फार्मों के व्यवसायीकरण करने के लिए योजना बना रही है.

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    रैपिड रूरल पुलिस रिस्पांस सिस्टम पंजाब में शुरु किया गया

    1 जुलाई 2016 से पंजाब में रैपिड रूरल पुलिस रिस्पांस सिस्टम शुरु किया गया.
    •    इस सिस्टम को पंजाब के 12000 से भी अधिक गांवों में पुलिस की तत्काल एवं प्रभावी प्रतिक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए शुरु किया गया है.
    •    रैपिड रूरल पुलिस रिस्पांस सिस्टम का शुभारंभ पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने की.
    •    400 नई मोटर साइकिलें और 220 नई बोलेरो जीपों को भी इस नई प्रणाली के तहत झंडा दिखा कर शामिल किया गया.
    •    इस प्रणाली के तहत किसी भी अपराध या कानून एवं व्यवस्था की गड़बड़ी संबंधी रिपोर्ट मिलने के 20 मिनट के भीतर पुलिस सक्रिए हो जाएगी.
    •    प्रतीक्षा  में रहने वाली कॉल या देरी से बचने के लिए इस प्रणाली के तहत दो लाइनें स्थापित की गईं हैं.
    •    पुलिस विभाग ने जिले के चार ब्लॉकों के 446 गांवों को 25 बीटों में विभाजित किया है.
    •    इस उद्देश्य के लिए कंप्यूटर–एडेड डिस्पैच सॉफ्टवेयर से लैस विशेष नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) भी बनाया गया है.

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    भारत के पहले वाणिज्यिक न्यायालय एवं विवाद निपटान केंद्र का छत्तीसगढ़ में शुभारम्भ

    भारत के पहले वाणिज्यिक न्यायालय एवं विवाद निपटान केंद्र का 2 जुलाई 2016 को छत्तीसगढ़ में उद्घाटन किया गया.
    •    इस केंद्र एवं न्यायालय परिसर का उद्घाटन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह एवं सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश मदन बी लोकुर द्वारा किया गया.
    •    इस न्यायालय में मध्यस्थता केंद्र भी स्थापित किया गया है.
    •    यहां दी गयी कुछ अन्य सुविधाओं में विडियो-कांफ्रेंसिंग, ई-कोर्ट, ई-लाइब्रेरी, ई-फाइलिंग एवं ई-समन भी शामिल हैं.
    •    यह अत्याधुनिक सुविधाएं निवेशकों को वाणिज्यिक गतिविधियों में सहायता करेंगी.
    •    न्यायालय द्वारा न्यायिक प्रक्रिया में भी सुधार किया जा सकेगा.
    •    छत्तीसगढ़ भारत का एक राज्य है। 
    •    भारत में दो क्षेत्र ऐसे हैं जिनका नाम विशेष कारणों से बदल गया - एक तो 'मगध' जो बौद्ध विहारों की अधिकता के कारण "बिहार" बन गया और दूसरा 'दक्षिण कौशल' जो छत्तीस गढ़ों को अपने में समाहित रखने के कारण "छत्तीसगढ़" बन गया। 
    •    किन्तु ये दोनों ही क्षेत्र अत्यन्त प्राचीन काल से ही भारत को गौरवान्वित करते रहे हैं। 
    •    "छत्तीसगढ़" तो वैदिक और पौराणिक काल से ही विभिन्न संस्कृतियों के विकास का केन्द्र रहा है। 
    •    यहाँ के प्राचीन मन्दिर तथा उनके भग्नावशेष इंगित करते हैं कि यहाँ पर वैष्णव, शैव, शाक्त, बौद्ध के साथ ही अनेक आर्य तथा अनार्य संस्कृतियों का विभिन्न कालों में प्रभाव रहा है।

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    ऊर्जा बचत और ऊर्जा दक्षता पर ब्रिक्स कार्य समूह की बैठक विशाखापत्तनम में आयोजित

    ऊर्जा की बचत और ऊर्जा दक्षता पर ब्रिक्स कार्य समूह की पहली बैठक 4 जुलाई 2016 को विशाखापत्तनम में आयोजित की गयी.
    इस दो दिवसीय बैठक में सभी 5 ब्रिक्स सदस्यों (ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन एवं दक्षिण अफ्रीका) ने भाग लिया. 
    •    यह बैठक केन्द्रीय उर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित कराई गयी.
    भारत ने 2016 ब्रिक्स बैठक की अध्यक्षता की जिससे वह अपने मुद्दों एवं लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु मार्ग प्रशस्त कर सकेगा. 
    •    ब्रिक्स देशों द्वारा ऊर्जा की बचत और ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए उपायों पर प्रस्तुतियां दी गयीं.
    •    भारत द्वारा भी उर्जा संरक्षण एवं उर्जा बचत पर किये गये प्रयासों पर प्रकाश डाला गया.
    •    भारत की ओर से एलईडी स्ट्रीट लाइट कार्यक्रम को प्रदर्शित किया गया.
    •    कार्य समूह द्वारा ब्रिक्स देशों में उर्जा दक्षता एवं उर्जा की बचत में सहयोग के विकास हेतु कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया.
    •    बैठक के दौरान एक संयुक्त वक्तव्य भी जारी किया गया.
    •    ब्रिक्स के उर्जा मंत्रियों ने 20 नवम्बर 2015 को मॉस्को में आयोजित बैठक के दौरान उर्जा बचत एवं उर्जा दक्षता हेतु आपसी सहमति के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये.
    •    समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने से सभी देशों ने पारस्परिक अनुसंधान, तकनीक स्थानांतरण एवं सम्मेलन योजना हेतु भी सहमति व्यक्त की.
    •    इस दौरान मंत्रियों ने उर्जा संरक्षण एवं उर्जा दक्षता हेतु एक कार्यसमूह बनाने का निर्णय भी लिया था.

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    भारतीय स्टेट बैंक ने विश्वबैंक के साथ 62.5 करोड़ डॉलर के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं

    सौर उर्जा को बढ़ावा देने के लिए भारतीय स्टेट बैंक ने विश्वबैंक के साथ 62.5 करोड़ डॉलर के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। 
    •    समझौते के अनुसार देश में छत पर ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा कार्यक्रम को तेजी से बढ़ाने में सहयोग किया जाएगा।
    •    देश के सबसे बड़े बैंक ने एक बयान में बताया कि इससे उसे देश में छत पर ग्रिड से जुड़ी सौर फोटोवोल्टिक परियोजनाओं के लिये प्रतिस्पर्धी दरों में वित्त पोषण में मदद मिलेगी। 
    •    इससे सौर ऊर्जा क्षेत्र के बाजार में तेजी आएगी और बड़ी संख्या में छत पर लगने वाले सौर ऊर्जा फोटोवोल्टिक सौर पैनल के जरिये सरकार के 40 गीगावॉट बिजली उत्पादन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी।
    •    सस्ते ऋण की इस सुविधा का लाभ वाणिज्यिक, औद्योगिक और संस्थागत प्रतिष्ठानों की छतों पर सौर ऊर्जा फोटोवोल्टिक परियोजना लगाने वाले विकासकर्ता, समूहक और अंतिम यूजर को मिलेगा। 
    •    इस पहल से देशभर में कम से कम 400 मेगावॉट सौर ऊर्जा क्षमता का विकास किया जायेगा। 
    •    समझौते पर भारतीय स्टेट बैंक के उप प्रबंध निदेशक करणम सेकर और विश्वबैंक के भारत निदेशक ओन्नो रूह्ल ने वित्त मंत्री अरुण जेटली, ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल, विश्वबैंक के अध्यक्ष जिम योंग किम और आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए।

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    ब्रिक्स युवा शिखर सम्मेलन 2016 संपन्न

    3 जुलाई 2016 को असम के गुवाहाटी में आयोजित 2016 ब्रिक्स युवा शिखर सम्मेलन 2016 समाप्त हो गया. 1 जुलाई 2016 को आरंभ हुए इस सम्मेलन का थीम था–अंतर–ब्रिक्स आदान-प्रदान के लिए पुल के तौर पर युवा.
    तीन दिनों तक चले इस शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स  देशों–ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के कई अधिकारियों और युवा प्रतिनिधिमंडलों ने हिस्सा लिया.

    •    मौजूदा ब्रिस संस्थानों में प्रशिक्षु कार्यक्रम बनाना और उन्हें मजबूत करना.
    •    ब्रिक्स देशों के बीच सफल दस्तावेजों एवं सफल कहानियों का प्रसार करना.
    •    ब्रिक्स देशों के बीच गुरु एवं शिष्यों के बीच कौशलों के हस्तांतरण की सुविधा देना.
    •    ब्रिक्स देशों के बीच युवाओं के लिए अच्छी नौकरी सुनिश्चित करना.
    •    ब्रिक्स देशों में नो अबाउट बिजनेस एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम को बढ़ावा देना और उसे दोहराना.
    •    व्यापार विकास सेवाओँ, व्यापार योजनाओं और वेबसाइट डेवलपमेंट पर लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए प्रशिक्षण प्रदान करना.
    •    सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान -प्रदान, नई प्रौद्योगिकियों एवं वित्तीय समर्थन  की सुविधा हेतु युवाओं एवं युवा उद्यमियों के नियमित प्रदर्शनियों को तैयार करना और उसे बढ़ावा देना.
    •    ब्रिक्स देशों में सामाजिक समावेशन गंभीर चिंता का विषय है. इसलिए हाशिए पर खड़े और कमजोर युवाओँ की प्राथमिकता तय करने हेतु पहल करना अनिवार्य है ताकि उन तक प्रजनन स्वास्थ्य एवं सामाजिक संरक्षण सेवाओं समेत शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा की पहुंच सुनिश्चित की जा सके.
    •    ब्रिक्स देशों में युवाओँ के साथ काम करने वाले पेशेवरों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की शुरुआत करना.
    •    ब्रिक्स समाजिक विज्ञान युवा अनुसंधान नेटवर्क तैयार करना.
    •    नेतृत्व के विकास के लिए अवसरों तक पहुंच हेतु सीखने की सुविधा.
    •    ब्रिक्स देशों में स्वीकृति के लिए मान्यताप्राप्त युवा स्वयंसेवी कार्यक्रम.
    •    सर्वोत्तम प्रथाओं, अवसरों और अच्छे काम को मान्यता प्रदान करने के लिए ऑनलाइन मंच बनाना.
    •    ब्रिक्स देशों में संरचित स्वयंसेवा और नागरिक सेवा परियोजनाओं के माध्यम से स्वयंसेवा पर आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के क्रम में–
    •    एकीकृत मानकों के साथ स्वयंसेवी आदान– प्रदान कार्यक्रमों का डिजाइन तैयार करना और उसकी सुविधा प्रदान करना.
    •    आधिकारिक संस्थानों में इंटर्नशिप समेत स्वयंसेवकों को सीखने के अनुभवों को समृद्ध करने के लिए अवसर प्रदान करना.
    •    स्वयंसेवक कार्यक्रमों का प्रबंधन करने वाले पेशेवरों की क्षमता विकसित करना.
    •    ब्रिक्स देशों में युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम तैयार करने और रोड मैप को व्यवस्थित करने के लिए संबंधित देशों में ब्रिक्स समर स्कूल मॉडल को बढ़ावा देना और युवाओं को भागीदारी करने के लिए अवसर मुहैया कराना.
    •    प्रशासन एवं निर्णय लेने में युवाओं की भागीदारी के लिए मौजूदा अवसरों में समन्वय स्थापित करना और नई अवसर पैदा करना.
    •    सरकारी नीति, कार्यक्रम तैयार करने और निगरानी एवं मूल्यांकन में क्षमताओं की सुविधा एवं युवाओं की भागीदारी.
    •    सरकारी नीति, प्रशासन एवं स्कूल के पाठ्यक्रम में नागरिकों की संलिप्तता पर पाठ शामिल करने की वकालत करना.
    •    न्यूनतम दो-तिहाई युवा भागीदारी के सथ ब्रिक्स युवा परिषद (बीवाईसी) बनाने की संभावनाओं का पता लगाना.
    •    न्यू डेवलपमेंट बैंक से ब्रिक्स देशों द्वारा प्रस्ताव के अनुसार युवा पहलों के लिए वित्तीय समर्थन प्रदान करने की अपील करना.
    •    चार विषयगत क्षेत्रों में एक्सचेंज प्रोग्रामों का डिजाइन तैयार करना और सुविधा प्रदान करना.
    •    ब्रिक्स युवा सचिवालय की शुरुआत में आभासी रुप में स्थापना. इसमें प्रत्येक देश से एक सरकारी अधिकारी और एक युवा प्रतिनिधि होगा जो ब्रिक्स युवा शिखरसम्मेलनों में सहमत हुए युवा पहलों को वास्तविकता में बदलना सुनिश्चित करेंगे.
    •    सर्वोत्तम प्रथाओं और अवसरों को साझा करने के लिए ऑनलाइन मंच तैयार करना.
    •    अगले ब्रिक्स युवा शिखर सम्मेलन में प्रगति पर रिपोर्ट पेश करना.

    पहला ब्रिक्स युवा शिखर सम्मेलन रूस के कर्जान में 2015 में हुआ था.

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    कनाडा ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप में चैंपियन बने साई प्रणीत

    भारतीय शटलर चौथी वरीय बी साई प्रणीत ने पुरुष एकल और रियो में देश का प्रतिनिधित्व करने जा रहे मनु अत्री तथा बी सुमित रेड्डी की शीर्ष वरीय जोड़ी पुरुष युगल में अपने-अपने फाइनल जीतकर यहां 55 हजार डॉलर की ईनामी राशि वाले कनाडा ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप में चैंपियन बन गए हैं।
    •    विश्व के 37वें नंबर के खिलाड़ी प्रणीत ने विजयी अभियान को आगे बढ़ाते हुए पुरुष एकल के फाइनल में तीसरी वरीय कोरिया के ली ह्युन की चुनौती को एकतरफा अंदाज में 21-12, 21-10 से केवल 28 मिनट में निपटाते हुए खिताब अपने नाम किया। 
    •    पुरुष युगल में मनु और सुमित की शीर्ष वरीय जोड़ी ने मेजबान कनाडा के एड्रियन लू और टोबी एनजी की गैर वरीय जोड़ी को 25 मिनट में 21-8, 21-14 से धो दिया और युगल का खिताब अपने नाम किया। 
    •    ब्राजील के रियो डी जेनेरो में अगस्त में होने वाले ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे मनु और सुमित ने इस खिताब के साथ अपनी ओलंपिक तैयारियों को पुख्ता करने के साथ आत्मविश्वास भी हासिल किया है।
    •    कोरियाई खिलाड़ी ने रविवार को सेमीफाइनल मुकाबले में शीर्ष वरीय भारतीय खिलाड़ी अजय जयराम को एकतरफा अंदाज में 28 मिनट में 21-9, 21-8 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी लेकिन वह जबरदस्त फॉर्म में चल रहे अन्य भारतीय खिलाड़ी प्रणीत की चुनौती का सामना नहीं कर सके। 
    •    विश्व में 44वीं रैंकिंग के कोरियाई खिलाड़ी से प्रणीत ने अपनी पिछली हार का बदला भी चुकता कर लिया। 
    •    दोनों खिलाड़ियों के बीच पिछली भिड़ंत गत वर्ष मलेशिया मास्टर्स में हुई थी जहां ह्युन ने जीत दर्ज की थी। 
    •    पिछले काफी समय से चोटों से प्रभावित रहे 23 वर्षीय प्रणीत ने इस वर्ष ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में दो बार के ओलंपिक रजत पदक विजेता और पूर्व नंबर वन खिलाड़ी मलेशिया के ली चोंग वेई को पहले ही राउंड में हराकर इसी तरह से सुर्खियां बटोरी थीं। 
    •    आंध्र प्रदेश के रहने वाले प्रणीत को जहां सेमीफाइनल में फ्रांसीसी खिलाड़ी और सातवीं वरीय ब्राइस लेवेरडेज के खिलाफ तीन गेमों तक संघर्ष करना पड़ा था वहीं खिताबी मुकाबले में वह ज्यादा सहज और आत्मविश्वास में नजर आये और आधे घंटे से कम समय में मैच निपटा दिया।
    •    रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय पुरुष युगल जोड़ी मनु और सुमित टूर्नामेंट में भाग्यशाली रही और उन्होंने सेमीफाइनल में वॉकओवर से प्रवेश किया। 
    •    सेमीफाइनल में उन्होंने इंडोनेशिया के आंद्रेई आदिस्तिया और कनाडा के डोंग एडम की जोड़ी को लगातार गेमों में हराया था और फाइनल में भी उनका मुकाबला एकतरफा ही रहा।

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    आईसीसी ने एलबीडब्ल्यू हेतु निर्णय समीक्षा प्रणाली में बदलाव को मंजूरी दी

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने 2 जुलाई 2016 को एलबीडब्ल्यू से जुड़े अंपायरों के फैसलों पर विवादास्पद निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) से संबंधित नियमों में बदलाव को मंजूरी प्रदान की. इस निर्णय से एलबीडब्ल्यू के नॉट-आउट करार दिए गये फैसले को बदलने में सहायता मिलेगी.

    यह निर्णय एडिनबर्ग स्थित आईसीसी की वार्षिक बैठक में लिया गया.
    •    इस संशोधन के अनुसार एलबीडब्ल्यू से संबंधित मैदान में मौजूद अंपायर का फैसला बदला जाता है तो अब गेंद का आधा हिस्सा स्टंप के क्षेत्र में होना आवश्यक है जो कि ऑफ और लेग स्टंप के बाहर की सीमा भी होगी. इससे पहले गेंद का आधा हिस्सा ऑफ और लेग स्टंप के बीच में होना जरूरी होता था. 
    •    आईसीसी का यह संशोधन 1 अक्तूबर 2016 से या फिर इस तिथि से ठीक पहले शुरू होने वाली किसी श्रृंखला जिसमें डीआरएस हो, उसमें प्रभावी होगा.
    •    यह क्रिकेट में तकनीक के आधार पर निर्णय लेने की प्रक्रिया है. इसे अंपायर द्वारा लिए जाने वाले गलत फैसलों से बचने हेतु आरंभ किया गया.
    •    यह प्रणाली पहली बार भारत बनाम श्रीलंका के मैच में 2008 में बतौर प्रयोग शुरू की गयी. 
    •    इसे आईसीसी द्वारा अधिकारिक रूप से 24 नवम्बर 2009 को लागू किया गया.
    •    इसे जनवरी 2011 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गये एकदिवसीय मैच में पहली बार आरंभ किया गया.
    •    टेस्ट क्रिकेट में दो डिवीजन बनाने और नई एकदिवसीय लीग सहित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आमूलचूल परिवर्तन करने की योजना को स्थगित कर दिया गया.
    •    आईसीसी ने राष्ट्रमंडल खेल महासंघ की प्रस्तुति के बाद डरबन में वर्ष 2022 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में महिला क्रिकेट को शामिल करने को समर्थन देने पर भी सहमति जताई.
    •    आईसीसी परिषद ने इसके साथ ही अमेरिकी क्रिकेट संघ (यूएसएसीए) और नेपाल क्रिकेट संघ (सीएएन) के निलंबन को भी सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की. उन्हें जून 2015 और अप्रैल 2016 में निलंबित किया गया था.
    •    बांग्लादेश जैसे छोटे देशों के स्थायी तौर पर 'सेकेंड डिवीजन' में जाने के जोखिम को लेकर चिंता को देखते हुए आइसीसी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आमूलचूल परिवर्तन करने के फैसले को स्थगित कर दिया.
    •    आईसीसी ने घोषणा की कि अंतरराष्ट्रीय मैच में बल्लेबाज पर हेलमेट पहनना अनिवार्य नहीं है लेकिन यदि वह हेलमेट पहनता है तो यह ब्रिटिश स्टैण्डर्ड (बीएस) – बीएस7928:2013 श्रेणी का होना चाहिए.

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    गुरप्रीत सिंह संधू यूरोपा लीग में खेलने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने

    भारतीय फुटबॉलर गुरप्रीत सिंह संधू जुलाई 2016 के पहले सप्ताह में यूरोपा लीग में खेलने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने.
    •    इससे पहले संधू ने नॉर्वे प्रीमियर लीग में स्टेबैक एफसी की ओर से पहला मुकाबला आईके स्टार्ट के खिलाफ खेला था.
    •    गुरप्रीत सिंह संधू नॉर्वे के टिप्पेलीगेन क्लब के लिए खेलते हैं एवं भारत की राष्ट्रीय टीम के लिए भी खेलते हैं.
    •    यूरोप के किसी क्लब के लिए खेलने वाले वह पहले भारतीय फुटबॉल खिलाड़ी बने.
    •    उनसे पहले मोहम्मद सलीम, बाइचुंग भूटिया, सुनील छेत्री एवं सुब्रता पाल भी विदेशों के लिए खेल चुके हैं लेकिन वे यूरोप के क्लब के लिए नहीं खेले.
    •    उन्होंने वर्ष 2010 से अंडर 19 में भारत के लिए इराक के खिलाफ खेलते हुए अपने करियर की शुरुआत की थी. 
    •    वे 2011 से एएफसी एशिया कप के लिए खेल रहे हैं. उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय खेलों में तुर्कमेनिस्तान के खिलाफ खेलते हुए पदार्पण किया था.

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