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प्रसिद्ध संगीत निर्देशक ओमी का निधन

प्रसिद्ध संगीत निर्देशक जोड़ी सोनिक-ओमी के नाम से मशहूर संगीतकार ओम प्रकाश सोनिक का 7 जुलाई 2016 को 77 वर्ष की अवस्था में मुम्बई में निधन हो गया. ओमी उनका उपनाम था.
•    भारतीय संगीतकार सोनिक-ओमी, मास्टर सोनिक (एक अंधे संगीत निर्देशक) अपने जोड़ीदार भतीजे ओमी के साथ मिलकर संगीत देते थे. 
•    इस जोड़ी को हिंदी फिल्म साउंडट्रैक पर अपने काम के लिए जाना जाता था. भक्ति में शक्ति, धर्म, दिल ने फिर याद किया, सावन भादों, आबरू, और रफ़्तार फिल्म में इस जोड़ी ने सबसे मैन भावन संगीत प्रस्तुत किया.
•    पाकिस्तान के सियालकोट में जन्मे, ओमी 1947 में विभाजन के समय  अपने परिवार के साथ पाकिस्तान से भारत आ गए.
•    सोनिक-ओमी की टीम ने 1950 से लेकर 1980 तक की अवधि में 100 से अधिक हिन्दी फिल्मों में  लिए संगीत दिया.
•    कुछ फिल्मों में इस जोड़ी ने संगीतकार के रूप में काम किया. जो निम्न है.
•    महुआ
•    ट्रक चालक
•    महफ़िल, बेटी
•    धरती की गोद में 
•    धर्म
•    चौकी नंबर 11
1993 में चाचा मास्टर सोनिक की मौत के बाद भी ओमी ने संगीत की रचना जारी रखी. वर्ष 2000 में रिलीज की गयी फिल्म बीवी नं .2 में ओमी ने संगीत का अंतिम ट्रैक दिया. वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे.

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अमेरिका ने मानवाधिकारों के हनन के लिए उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन पर प्रतिबंध लगाया

अमेरिका के  विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) के खजाना विभाग ने 6 जुलाई 2016 को उत्तर कोरियाई शासन के शीर्ष अधिकारियों और नेता किम जोंग उन को मानवाधिकारों के हनन का दोषी पाया.•    यह पहली बार है जब अमेरिका मानवाधिकार के उल्लंघन के आधार पर उत्तर कोरिया के नेता पर प्रतिबंध लगा रहा है. 
•    दोषी पाए गए लोगों में दस अन्य व्यक्ति और पांच संस्था शामिल हैं.
•    इन्हें उत्तर कोरिया स्वीकृति एवं नीति संवर्धन अधिनियम, 2016 के तहत उत्तर कोरिया में मानवाधिकारों के हनन या सेंसरशिप पर रिपोर्ट के निष्कर्ष के आधार पर प्रतिबंधित किया गया है.
•    ओएफएसी ने इससे पहले तीन व्यक्तियों और तीन संस्थाओं को भी नामित किया था, इन्हें भी देश के विभागीय रिपोर्ट में शामिल किया गया है.

•    दंड स्वरूप इनकी अमेरिका की किसी भी संपत्ति को जब्त कर लिया जाएगा और कोई भी अमेरिकी नागरिक इनके साथ व्यापार नहीं करेगा. 
•    उत्तर कोरिया अपने परमाणु गतिविधियों की वजह से पहले से ही व्यापक प्रतिबंध झेल रहा है लेकिन विश्लेषक अमेरिका के इस कदम को देश को अलग– थलग करने के उसके प्रयासों को तेज करने के तौर पर देख रहे हैं। 
•    इसके साथ ही  बैंक सहस्राब्दि के अपने ग्राहकों को वे जब और जहां चाहें, अपने दैनिक जीवन के हिस्से के तौर पर बैंकिंग करने की सुविधा देता है. 

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एसबीआई ने सोशल मीडिया बैंकिंग प्लेटफॉर्म एस.बी.आई मिन्गल लॉन्च किया

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने 1 जुलाई 2016 को फेसबुक और ट्विटर के उपयोगकर्ताओं के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  एस.बी.आई मिन्गल लॉन्च किया.एसबीआई की अध्यक्ष अरुणधति भट्टाचार्य ने 61वां स्टेट बैंक दिवस के अवसर पर इस प्लेटफॉर्म को  लॉन्च किया. इसे प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को मनाया जाता है.
•    यह एसबीआई के ग्राहकों को इन सोशल मीडिया के माध्यम से विभिन्न बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करने की सुविधा प्रदान करेगा.•    इस मंच से सेवाएं प्राप्त करने के लिए ग्राहक को अपने सोशल अकाउंट संख्या या अपने एटीएम/ डेबिट कार्ड विवरणों का प्रयोग कर  एक बार पंजीयन प्रक्रिया के माध्यम से पंजीकरण कराना होगा.  पंजीकरण कराने के बाद इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध विभिन्न बैंकिंग सेवाओं का वे लाभ उठा सकते हैं.

•    वर्तमान में, एसबीआई सेवाएं जैसे बैलेंस संबंधी पूछताछ, मिनी स्टेटमेंट, एसबीआई के साथ-साथ दूसरे बैंकों के बीच पैसों का हस्तांतरण और लाभार्थी प्रबंधन सेवाएं फेसबुक पर उपलब्ध हैं।

• ट्विटर पर हैशटैग का प्रयोग करने वाले ग्रहाक अपने खाते का बैलेंस और मिनी स्टेटमेंट देख सकते हैं।

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केंद्र सरकार ने नमामि गंगे के तहत देश भर में 231 परियोजनाओं का शुभारम्भ किया

नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार ने 07 जुलाई 2016 को उत्‍तराखंड, उत्‍तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और दिल्‍ली में 231 परियोजनाओं का शुभारम्भ किया. जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने हरिद्वार से मुख्‍य कार्यक्रम का उद्घाटन किया.
प्रारंभ में यह योजना 104 स्थानों पर सभी पांच गंगा बेसिन वाले राज्यों में शुरू की गयी. सरकार ने 2018 तक गंगोत्री से गंगासागर तक गंगा की सफाई का लक्ष्य रखा है. सरकार का इरादा नदी में प्रदूषण के स्तर की निगरानी हेतु एक ऐप भी विकसित करने का है.
•    डेढ़ हजार करोड़ के ढाई सौ प्रोजेक्‍ट 100 स्थानों पर आरम्भ किए गए हैं.
•    सफाई परियोजनाओं में घाटों का नवीनीकरण, शवदाह स्थलों और मल प्रवाह ढांचे को आधुनिक बनाने का काम किया जाएगा. इसके अलावा वृक्षारोपण, जल निकासी, कचरा प्रबंधन और जैव विविधता संरक्षण के कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे.
•    देश के 13 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थानों ने ऐसे 5-5 गांवों का विकास करने की जिम्‍मेदारी ली हैं
•    इन गांवों के 328 सरपंचों को अब तक पंजाब के सींचेवाल गांव ले जाया गया है जहां उन्‍होंने सींचेवाल के विकास की जानकारी ली.
•    गंगा किनारे ऋषिकेश, देहरादून, नरोरा, इलाहाबाद, वाराणासी, भागलपुर, साहिबगंज और बैरकपुर में आठ जैव विविधता संरक्षण केंद्रों का विकास किया जाएगा
•    राष्‍ट्रीय स्‍वच्‍छ गंगा मिशन घाटी आधारित समग्र दृष्टिकोण अपनाते हुए राष्‍ट्रीय गंगा नदी प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले पांच राज्‍यों में प्रदूषण नियंत्रण, जलीय संसाधन संरक्षण और संस्‍थागत विकास परियोजनाओं को संचालन किया जाएगा.
•    उत्तराखंड के देहरादून, गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, रूद्रप्रयाग और चमोली जिलों के विभिन्न स्थानों पर इस तरह की 47 परियोजनाएं शुरू की जाएंगी.
•    नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत 20 परियोजनाएं पश्चिम बंगाल के उत्‍तरी 24 परगना, नदिया, दक्षिण 24 परगना और हावड़ा जिलों में शुरू की जाएंगी.
•    बिहार के बक्‍सर, वैशाली, सारण, पटना और भागलपुर जिलों में 26 परियोजनाएं शुरू की जाएगी.
•    उत्‍तर प्रदेश के अमरोहा, बिजनौर, हापुड़, मुजफ्फरनगर, मेरठ, मथुरा, इलाहाबाद, वाराणासी, फरूखाबाद और कानपुर जिलों में 112 परियोजनाएं शुरू की जाएंगी.
•    गंगा ग्राम योजना के पहले चरण में गंगा के तट पर बसे 400 गांवों का विकास किया जाएगा.
•    गंगा के किनारे बसे शहरों एवं 1657 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों के साथ जन जागरूकता बढ़ाने के लिए राष्‍ट्रीय स्‍वच्‍छ गंगा मिशन द्वारा नियमित संवाद किया जा रहा है.
निर्मलता का फेज वन 2016 अक्तूबर, निर्मलता का फेज टू 2018 अक्तूबर और किसानों की सहमति मिलने के बाद नदी का मूल तत्व अविरलता 2020 तक संभावित है.

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भारत मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने में दुनिया में चौथे स्थान पर

भारत में मोबाइल उपभक्ताओं की लगातार बढ़ती संख्या का असर ये हुआ कि भारत मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने में दुनिया में चौथे स्थान पर पहुँच गया है। 
•    भारत में अभी टॉप डाउनलोड होने वाले ऐप में अमेरिकी कंपनी अमेजोन है। 
•    जिसके बाद भारतीय कंपनियां फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, पीटीएम, मिंत्रा, वोनिक, शॉपक्लूज, जोबांग, हैं।  
•    यानी भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी ऐप इकॉनमी बन गया है।
•    मोबाइल एप्लीकेशन्स का विश्लेषण करने वाली संस्था एन्नी का कहना है कि ऐप डाउनलोड करने में भारत का स्थान  चीन अमेरिका और जापान के बाद आ गया है।  
•    एन्नी का कहना है कि भारत में साल 2016 के अंत तक ऐप डाउनलोडिंग की संख्या 92 फीसदी बढ़ जाएगी। 
•    साल 2016 में भारत में कुल 770 करोड़  डाउनलोडिंग होने की उम्मीद है। 
•    जबकि चीन में साल 2016 में 4900 ऐप डाउनलोडिंग होने की सम्भावना है। 

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राजस्‍थान अंशकालिक श्रमिकों हेतु न्‍यूनतम मजदूरी लागू करने वाला पहला राज्‍य बना

अंशकालिक श्रमिकों हेतु न्‍यूनतम मजदूरी लागू करने वाला राजस्‍थान देश का पहला राज्‍य बन गया है. 
•    राज्‍य के श्रम विभाग ने 06 जुलाई 2016 को इस सिलसिले में अधिसूचना भी जारी कर दी है.
•    अधिसूचना के अनुसार जो भी श्रमिक एक दिन में चार घंटे से कम काम करेगा, उसे न्‍यूनतम मजदूरी की पचास प्रतिशत राशि दी जाएगी.
•    इस अधिसूचना के जारी होने के साथ ही अंशकालिक श्रमिक न्‍यूनतम वेतन कानून 1948 के तहत लाभान्वित होने लगेंगे.
•    एक अन्‍य फैसले में सरकार ने सभी वर्गों में न्‍यूनतम वेतन राशि में 104 रूपये प्रतिमाह की वृद्धि कर दी है.
•    राजस्थान सरकार के 51 क्षेत्रों में कार्यरत लाखों श्रमिकों को लाभ मिलेगा.
•    अन्य राज्यों के मुकाबले राजस्थान में मजदूरी दर अब काफी अधिक हो गई है.
•    न्यूनतम मजदूरी दरों में इजाफे का लाभ प्रदेश के कारोबार उद्यम को भी मिलेगा.

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वित्त वर्ष की व्यावहारिकता परखने के लिए आचार्य समिति का गठन किया गया

केंद्र सरकार ने 6 जुलाई 2016 को नए वित्त वर्ष की व्यावहारिकता परखने के लिए एक समिति का गठन किया.

•    चार सदसीय समिति की अध्यक्षता मुख्य आर्थिक सलाहकार शंकर आचार्य करेंगे. इस समिति को 31 दिसम्बर 2016 तक अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है.
•    इस समिति के अन्य सदस्य हैं – पूर्व कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर, पूर्व वित्त सचिव पीवी राजारमन, पॉलिसी रिसर्च केंद्र के वरिष्ठ वक्ता डॉ राजीव कुमार.
•    समिति केंद्र और राज्य सरकारों की प्राप्तियों और व्यय के सटीक आकलन की दृष्टि से वित्त वर्ष की उपयुक्तता, विभिन्न कृषि फसलों के अंतराल, कार्यकारी सत्र (वर्किंग सीजन) और कारोबार पर इसके प्रभावों के बारे में विचार विमर्श करेगी.
•    समिति को कहा गया है कि वह इन सभी विषयों पर विचार करने के बाद देश के लिए उपयुक्त नया वित्त वर्ष शुरु करने की तारीख की सिफारिश कर सकती है.
•    समिति यह भी बताएगी कि वित्त वर्ष में बदलाव कब से किया जाए और जब तक नया वित्त वर्ष शुरु न हो तब तक कर तथा अन्य मामलों के संबंध में क्या व्यवस्था अपनायी जाए.
•    पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए की पहली सरकार ने शाम को बजट पेश किए जाने की परंपरा बदली थी. 
•    वर्ष 2000 से पहले तक अंग्रेजों की परंपरा का पालन करते हुए आजादी के बाद से ही सरकार अपना बजट फरवरी की अंतिम तारीख को शाम साढ़े पांज बजे पेश करती रही है लेकिन वर्ष 2000 में वाजपेयी सरकार ने इस परंपरा को समाप्त कर प्रात: 11 बजे संसद में बजट पेश करना शुरू किया. 
•    इसके पीछे यही तर्क दिया गया था कि देश की अपनी परिस्थितियों के अनुसार बजट पेश करने का वक्त निर्धारित करना चाहिए. यही तर्क वित्त वर्ष में बदलाव को लेकर भी दिया गया.

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दीपा करमाकर को वर्ल्ड क्लास जिमनास्ट के रूप में नामित किया गया

भारतीय जिमनास्ट दीपा करमाकर को अंतरराष्ट्रीय जिमनास्टिक्स फेडरेशन द्वारा ‘वर्ल्ड क्लास जिमनास्ट’ के रूप में नामित किया गया.
इससे सम्बंधित अधिकारिक पुष्टि पत्र जिमनास्टिक महासंघ द्वारा 6 जुलाई 2016 को जारी किया गया. वे इस सम्मान को प्राप्त करने वाली पहली भारतीय जिमनास्ट बन गयी.
•    दीपा का जन्म 9 अगस्त 1993 में अगरतला में हुआ.
•    उन्होंने 2014 में ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ खेलों में कांस्य पदक जीता.
•    यह किसी भी भारतीय महिला जिमनास्ट द्वारा अर्जित पहला पदक था.
•    वे विश्व की पांच सबसे अधिक अंक अर्जित करने वाली महिला खिलाड़ियों में शामिल हैं.
•    उन्होंने डिफिकलटी में 7.000, एग्जीक्यूशन में 8.100 एवं पेनल्टी में 0.1 अंक अर्जित किये हैं.
•    उन्होंने एशियन जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता तथा 2015 के विश्व आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में पांचवां स्थान हासिल किया. यह दोनों स्थान भारत के लिए पहली बार अर्जित किये गये.
•    वर्ष 2010 से 2014 तक पांच बार राष्ट्रीय विजेता रह चुकीं है.
•    उन्हें अगस्त 2015 में अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चूका है.

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खनिज संसाधन मंत्रालय राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण नीति

भूवैज्ञानिकों के बीच आम सहमति बनी है कि देश बड़े पैमाने पर खनिज संसाधन से संपन्न है और ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका की तरह यहां भी भूगर्भीय पर्यावरण है। हालांकि आमतौर पर सर्वेक्षण और अन्वेषण उथले और उपरी खनिज भंडार पर केंद्रित होते हैं। गहराई में दबे खनिज के अन्वेषण में अधिक जोखिम होता है और लागत भी अधिक लगती है तथा इसके लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी तथा विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। 
उपरोक्त तथ्यों को देखते हुए सरकारी एजेंसियों द्वारा किए गए प्रयासों में विश्वभर के निजी क्षेत्र में उपलब्ध विशेषज्ञता और प्रौद्योगिकी नवाचार के साथ व्यापक सहयोग करने की आवश्यकता है। संभावित लाइसेंस और खनन पट्टे के वास्ते खनिज रियायत आवंटन में पारदर्शिता लाने के लिए एमएमडीआर संशोधन विधेयक 2015 लाया गया। वर्तमान में गैर विशिष्ट पैमाइश परमिट (एनईआरपी) के लिए खनिज रियायत प्रदान की जाती है जिसमें संभावित और खनन लाइसेंस के लिए असीमित लेन-देन की अनुमति नहीं है। इस कारण निजी क्षेत्र उच्च जोखिम उठाने के लिए उत्साहित नहीं होते हैं। इसे देखते हुए अन्वेषण में निजी कंपनियों की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण नीति (एनएमईपी) तैयार की गई है। 

एनएमईपी के तहत ई-नीलामी के बाद खनिज ब्लॉक की सफल बोली से राजस्व (रॉयल्टी /राज्य सरकार द्वारा एकत्रित लाभांश के तरीके से) में कुछ भागीदारी के अधिकार के साथ निजी एजेंसियां अन्वेषण कर सकेगी। राजस्व भागीदारी का भुगतान खनन लीज की पूरी अवधि के दौरान हस्तांतरण अधिकारों के साथ या तो एक मुश्त किया जाएगा या वार्षिक आधार पर होगा। 
सरकार विभिन्न प्रकार के खनिजों के अन्वेषण कार्य की मानक लागत भी तैयार करेगी ताकि अगर अन्वेषण एजेंसियां अपने खनन क्षेत्र में कोई खनिज नहीं खोज पाती हैं तो उन्हें मुआवजा दिया जा सके। अन्वेषण के जोखिम को कम करने के लिए अन्वेषण एजेंसियों के लिए यह एक अतिरिक्त प्रोत्साहन होगा। निजी खनिकों का चयन निम्नलिखित प्रतिस्पर्धी बोली की पारदर्शी प्रक्रिया द्वारा किया जाएगा। 
•    सफल अन्वेषण प्रक्रिया में अधिग्रहण और प्रतिस्पर्धा के पहले के भूगर्भीय आधारभूत आंकड़ों की व्याख्या महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इस संबंध में एनएमईपी निम्नलिखित प्रस्ताव देती है। 
•    प्रतिस्पर्धा से पहले आधारभूत भूगर्भीय आंकड़े सार्वजनिक रूप से तैयार किए जाएंगे और नि:शुल्क इस्तेमाल के लिए उपलब्ध होंगे। 
•    पूरे देश का नक्शा तैयार करने के लिए राष्ट्रीय एयरो जीयोफिजिकल मानचित्रण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इससे गहराई में दबे खनिज भंडारण को चित्रित करने में मदद मिलेगी। 
•    राष्ट्रीय भूगर्भीय डेटा रिपोजिटरी (एनजीडीआर) का गठन किया जाएगा। जीएसआई विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकार की एजेंसियों खनिज तथा रियायत पाने वालों द्वारा तैयार की गई आधारभूत और खनिज अन्वेषण की जानकारी की तुलना करेगी और इसे भूस्थानिक डेटाबेस पर रखेगी। 
•    सरकार देश में खनिज अन्वेषण की चुनौती से निपटने में वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी के लिए वैज्ञानिक तथा अनुसंधान निकायों, विश्वविद्यालयों और उद्योग के साथ सहयोग और समर्थन करेगी। इसके लिए सरकार ने एक गैर लाभ की स्वायत्त निकाय/कंपनी के गठन का प्रस्ताव दिया है जिसका नाम राष्ट्रीय खनिज निर्धारण केंद्र (एनसीएमटी) होगा।
•    नीलामी योग्य संभावनाओं को व्यवस्थित करने में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्हें खनिज अन्वेषण का कार्य करना होगा और नीलामी के लिए जी-3 या जी-2 स्तर पूर्ण करना होगा। राज्यों को अन्वेषण क्षमता, प्रद्योगिकी विशेषज्ञता और बुनियादी ढांचा सुविधा का निर्माण करने की आवश्यकता है। केंद्र सरकार क्षमता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण न्यास (एनएमईटी) से राज्य सरकार को सहायता प्रदान करेगी। 
•    एनएमईपी ने ऑस्ट्रेलिया के अनकवर परियोजना की तर्ज पर प्रदेश में गहराई में दबे खनिज भंडार की खोज के लिए विशेष पहल शुरू करने का प्रस्ताव किया है। पायलट परियोजना राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (एनजीआरआई) तथा प्रस्तावित राष्ट्रीय खजिन निर्धारण केंद्र (एनसीएमटी) एवं जीओ साइंस ऑस्ट्रेलिया के सहयोग से शुरू की जाएगी। 
•    खनिज अन्वेषण के लिए अनुबंध ढांचा के विस्तृत शर्तें तैयार करने के लिए खान मंत्रालय ने सलाहकार के रूप में एसबीआई कैपिटल मार्केट लिमिटेड (एसबीआई कैप) का चयन किया है।  खनिज संसाधन मंत्रालय निजी एजेंसियों को इस प्रक्रिया में शामिल करने के लिए राज्य सरकार की सहायता करेगा। 

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चीन ने परिवहन विमान वाई-20 को सेना में किया शामिल

चीन ने स्वेदश निर्मित अपने सबसे बड़े परिवहन विमान वाई-20 को सेना में शामिल कर लिया. 
•    यह सैन्य विमानन प्रोद्योगिकी पीएलए के लिए एक बड़ी उपलब्धि है जिससे दुनिया की सबसे बड़ी सेना अपने माल और सैनिकों को विभिन्न मौसमों में लंबी दूरी तक ले जा सकेगी.
•    वायुसेना के प्रवक्ता शेन जिंके ने कहा कि वाई-20 का सेवा में शामिल होना वायुसेना के लिए महत्वपूर्ण है जिससे इसकी समारिक शक्ति में सुधार होगा.
•    इस विमान का अधिकतम टेक-आफ वजन 200 टन का है. 
•    वाई-20 आधिकारिक तौर पर पीएलए वायु सेना में चेंगडू में शामिल हुआ है और यह विभिन्न मौसमों में सामान और कर्मियों को लंबी दूरी तक ले जाने के लिए आदर्श है.
•    चीनी वायुसेना को राष्ट्रीय सुरक्षा की हिफाजत करने के साथ ही साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बचाव और राहत कार्यों सहित अपनी सैन्य जिम्मेदारियों को अच्छी तरह से पूरा करने के लिए और तथा बेहतर परिवहन की जरूरत है.
•    चीनी वायुसेना ने हाल के वषरें में आपदाएं आने पर पाकिस्तान, मंगोलिया, थाइलैंड, नेपाल तथा अन्य देशों को सहायता और राहत सामग्री प्रदान की है.
•    चीनी अधिकारियों ने कहा कि स्वदेश में डिजाइन और विकसित किए गए वाई-20 ने जनवरी 2013 में पहली उड़ान भरी थी और इसका प्रदर्शन पहली बार नवंबर 2014 में 10वीं चीन अंतरराष्ट्रीय विमानन अंतरिक्ष प्रदर्शनी में किया गया था.
•    इस विमान की तुलना रूस निर्मित आईएल-76 और अमेरिका निर्मित सी-17 से की जा रही है. पीएलए के अधिकारियों ने पहले कहा था कि वाई -20 आईएल 476 से अधिक उन्नत है.

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