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सेबी ने पी-नोट के लिए कड़े केवाईसी, खुलासा नियम जारी किए

बाजार नियामक सेबी ने भागीदारी पत्रों “पी नोट” के लिए कड़े ग्राहक को जानो “केवाईसी” तथा खुलासा नियम आज जारी किए। इसके तहत धन स्रोत व उसके उपयोगकर्ताओं का ब्योरा दिए बिना इन विदेशी व्युत्पन्न पत्रों का इस्तेमाल करना कठिन हो जाएगा।
•    कालेधन पर विशेष जांच दल एसआईटी ने यह सुनिश्चित करने का सुझाव दिया था कि इस माध्यम का इस्तेमाल मनी लांड्रिंग के लिए नहीं हो।
•    बोर्ड द्वारा मंजूर प्रस्तावों को आगे बढाते हुए सेबी ने आज ओडीआई के लिए केवाईसी व खुलासा जरूरतों को कड़ा करने संंबंधी विस्तृत परिपत्र जारी किया। 
•    ओडीआई को आम में पी नोट कहा जाता है। विदेशी निवेशक इसकी मदद से भारतीय बाजारों में आसानी से तथा कम लागत में निवेश कर सकते हैं और इसमें उन्हें सीधे तौर पर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक के रूप में पंजीबद्ध भी नहीं होना पड़ता।
•    नये नियमों के तहत ओडीआई के सभी उपयोक्ताओं को भारतीय केवाईसी तथा मनी लांड्रिंग निरोधक कानूनों का पालन करना होगा भले ही वे किसी भी देश या न्यायिक क्षेत्र में आते हों।
•    इसी तरह ओडीआई जारी करने वालों को किसी भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी भारतीय वित्तीय आसूचना इकाई को देनी होगी।
•    मौजूदा व्यवस्था के तहत ओडीआई धारकों की जानकारी मासिक आधार पर सेबी को अनिवार्य रूप से देनी होगी।

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एपी खाद्य प्रसंस्करण सोसायटी के माध्यम से आंध्र प्रदेश सरकार राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम (एनआरडीसी) ने 9 जून 2016 को वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग का उपक्रम, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ एक ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किया.
आंध्र प्रदेश के स्मार्ट एग्रीबिजनेस प्लेटफार्म नेटवर्क (एसएपीएनएपी) की स्थापना से कृषि व्यवसाय एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूत करना है.
यह समूह सभी साझेदारों को शामिल करके कृषि व्यवसाय के त्वरित विकास के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को सक्षम करने के सृजन पर ध्यान दिया जाएगा.
 (i)स्मार्ट एग्रीबिजनेस वैल्यू-चेन:
•    स्मार्ट एग्रीबिजनेस वैल्यू-चेन स्मार्ट एग्रीबिजनेस मूल्य श्रृंखला खुफिया, विश्लेषणात्मक, बड़े आंकड़े, नई खोज और भागीदारी पर ध्यान देगा.
(ii)स्मार्ट एग्रीबिजनेस इनक्यूबेटर्स और एक्सीलेटर्स:
•    स्मार्ट एग्रीबिजनेस इन्क्यूबेटर्स शुरूआत, उद्यम विकास और एफपीओ सलाह के लिए बुनियादी ढांचे.
•    पारिस्थितिकी तंत्र को सक्रिय करने के साथ 13 जिला स्तर इन्क्यूबेटरों की स्थापना पर ध्यान देना.
•    एनआरडीसी इस कार्यक्रम में सहयोगी साझेदार होगा.
•    राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हितधारकों को एसएपीएनएपी के शुरूआत और संबंधों के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकियों, जानकारी, आईपीआर और अन्य मूल्य वर्धित तकनीकी-वाणिज्यिक सेवाएं भी प्रदान करेगा.

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निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक एक्सिस बैंक ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित एशिया का पहला ग्रीन बाँड जारी कर पाँच अरब डॉलर पूँजी जुटाई है। 
•    ग्रीन बाँड से प्राप्त पूँजी का इस्तेमाल हरित ऊर्जा, परिवहन और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के विकास के साथ ही सरकार के 2022 तक एक लाख 75 हजार मेगावाट (175 गीगावाट) नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन लक्ष्य को हासिल करने में किया जाएगा।
•    एक्सिस बैंक लंदन शेयर बाजार में इक्विटी जारी करने वाले विशिष्ट बैंक के साथ ही भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित आईएफसी के मसाला बाँड कार्यक्रम का भी साझेदार रहा है। 
•    अपनी अलग- अलग पहलों के जरिये स्वच्छ ऊर्जा एंव पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने को एक्सिस बैंक सदैव प्राथमिकता देता रहा है । 
•    इस दिशा में आगे बढ़ते हुये एक्सिस बैंक ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित एशिया के पहले ग्रीन बाँड को जारी करने के साथ उसकी प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। 
•    बाँड को लंदन शेयर बाजार में सूचीबद्ध करा दिया गया है।

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भारत ने कर चोरी और भ्रष्टाचार से निपटने हेतु यूरोप की योजना पर हस्ताक्षर किये

भारत ने 8 जून 2016 को यूरोप द्वारा संचालित एक योजना पर हस्ताक्षर किये जिसके तहत कर चोरी एवं भ्रष्टाचार को समाप्त किये जाने के लिए स्वतः सूचना का आदान-प्रदान किया जायेगा.
•    भारत के अतिरिक्त 40 अन्य देशों ने भी इस योजना पर हस्ताक्षर किये.
•    इस योजना पर हस्ताक्षर करने वाले सदस्यों को कर चोरी एवं भ्रष्टाचार में लिप्त व्यक्तियों की सूचना देनी होगी. इसके अगले चरण में अंतरराष्ट्रीय मानकों का विकास करना है.
•    इस योजना की अप्रैल 2015 में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली एवं स्पेन में घोषणा की गयी.
•    हस्ताक्षरकर्ताओं को विभिन्न सूचनाओं का निःशुल्क आदान-प्रदान करना होगा.
•    यूरोप के अतिरिक्त अफगानिस्तान, नाइजीरिया, मेक्सिको एवं यूएई ने भी इस पर हस्ताक्षर किये हैं. स्विट्ज़रलैंड के अतिरिक्त अधिकतर यूरोपियन देश इसमें शामिल हैं.
•    गौरतलब है कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरबों रूपए के कर चोरी मामलों में पैसा वसूलने की बात कही थी.

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एनआईआईएफ के अंतर्गत कतर से निवेश आकर्षि‍त करने के लिए राष्ट्रीय निवेश एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) लिमिटेड ने कतर निवेश प्राधि‍करण (क्यूआईए) के साथ 5 जून 2016 को एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये.
•    भारत के प्रधानमंत्री की दोहा यात्रा के दौरान इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए गये.
•    सहमति पत्र का उद्देश्य भारत के बुनियादी ढांचागत क्षेत्र में निवेश अवसरों का अध्ययन करना.
•    इस तरह के निवेश अवसरों के संबंध में सूचनाओं के आदान-प्रदान की रूपरेखा विकसित करने के लिए क्यूआईए को सुविधा प्रदान करना है जिससे की दोनों पक्ष संयुक्त निवेश के बारे में फैसला कर सकें.
•    यह 12 माह प्रभावी रहेगा, जिस दौरान दोनों पक्ष इस तरह के निवेश की शर्तों, सिद्धांतों एवं मानदंड पर चर्चा करेंगे और सहमत होंगे.
•    एनआईआईएफ भारत के बुनियादी ढांचागत क्षेत्र में उपलब्ध निवेश अवसरों को क्यूआईए के साथ साझा करेगा.
•    कतर निवेश प्राधिकरण (क्यूआईए) कतर का सॉवरेन वेल्थ फंड है.
•    वे दीर्घकालिक निवेशक है और सभी भौगोलिक क्षेत्रों, सेक्टर एवं परिसंपत्ति वर्गों में निवेश अवसरों तक अपनी पहुंच सुनिश्चित करता है.
•    इससे पहले एनआईआईएफ के सृजन को मंजूरी दी गयी थी, ताकि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही स्रोतों से निवेश आकर्षित किया जा सके.
•    इसका उद्देश्य मुख्य रूप से वाणिज्यिक दृष्टि से लाभप्रद परियोजनाओं में बुनियादी ढांचे के विकास के जरिए पड़ने वाले आर्थिक असर को अधिकतम करना था.

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भारत और एशियाई विकास बैंक के बीच 120 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर

भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक ने 120 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर जून 2016 में हस्ताक्षर किए. यह समझौता ओडिशा में सिंचाई के आधुनिकीकरण और जल प्रबंधन सुधार के लिए किया गया.
•    उपरोक्त ऋण समझौते पर भारत सरकार की ओर से संयुक्त सचिव (बहुपक्षीय संस्थान), आर्थिक मामलों के विभाग श्री राजकुमार तथा एशिया विकास बैंक की भारत रेजिडेंट मिशन की कंट्री डायरेक्टर सुश्री एम. टेरेसा खो ने हस्ताक्षर किए.
•    यह ऋण ओडिशा एकीकृत सिंचाई कृषि तथा जल प्रबंधन निवेश कार्यक्रम के अंतर्गत 157.5 मिलियन डॉलर की वित्तीय सुविधा का दूसरा भाग है. 
•    इस राशि का इस्तेमाल सात सिंचाई उप-परियोजनाओं को आधुनिक बनाने के लिए किय़ा जाएगा. आधुनिकीकरण से 100,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की स्थिति सुधरेगी, जल उपयोगकर्ता संघ (डब्ल्यूयूए) सुदृढ़ होंगे तथा ओडिशा के जल संसाधन विभाग की संस्थागत क्षमता बढ़ेगी. निवेश के लिए चयनित क्षेत्र हैं वेतरणी, ब्राहम्णी, बुढ़ाबालंगा, सुबर्णरेखा नदी बेसिन तथा महानदी डेल्टा.
•    एडीबी के साधारण पूंजी संसाधनों से मिलने वाले ऋण के दूसरे भाग की अवधि 20 वर्ष की है. 
•    ओडिशा अपने जल संसाधन विभाग के माध्यम से दूसरे भाग की गतिविधियों तथा समग्र कार्यक्रम को लागू करने के लिए उत्तरदायी है. इस कार्यक्रम के दोनों भागों को सितंबर, 2018 तक पूरा करना है.

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भारतीय रिज़र्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष (2016-2017) की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा पेश की

भारतीय रिज़र्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा पेश की। 

•    घरेलू स्तर पर वर्ष 2015-16 की अंतिम तिमाही में आर्थिक विकास की रफ्तार उम्मीद के अनुरूप रही। लेकिन पूरे वित्त वर्ष में औद्योगिक उत्पादन में गिरावट दर्ज हुई।
•    उपभोक्ता खर्च में इजाफा हो रहा है। मानसून बेहतर रहने और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने पर घरेलू मांग बढ़ने की संभावना है। 
•    केंद्रीय बैंक ने बीते डेढ़ साल में रेपो दर में 1.5 फीसदी कटौती की है, लेकिन बैंकों ने इसका पूरा लाभ अभी भी ग्राहकों तक नहीं पहुंचाया है। 
•    रेट कट का लाभ बैंक ग्राहकों अपने तक पहुंचा सके, इसके लिए आरबीआई ने इस साल अप्रैल से बैंकों के लिए मार्जिनल कास्ट लैंडिंग रेट (एमसीएलआर) की प्रणाली लागू की थी। 
•    रेपो - 6.50%
•    रिवर्स रेपो - 6.0%,
•    सीआरआर - 4.0 
•    बैंक रेट - 7.0 %
•    एमएसएफ - 7.0 %
•    आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए विकास दर के अनुमान को 7.6% पर और अच्छे मानसून की उम्मीद और मजबूत आपूर्ति तंत्र के मद्देनजर महंगाई दर के अनुमान को 5% पर यथावत रखा है।

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शंघाई आधारित नए विकास बैंक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्त पोषण के लिए अपनी पहली रॅन्मिन्बी -नामित बांड जारी करने जा रहा है.

•    इसकी घोषणा बैंक के वाईस प्रेसिडेंट पोलू नोगुइरा बतिस्ता ने की 
•    बैंक ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका की ब्रिक्स देशों द्वारा स्थापित किया गया था 
•    जुलाई 2015 में ब्रिक्स देशों - चीन, रूस, ब्राजील, भारत और दक्षिण अफ्रीका ने एक नए बैंक (नए विकास बैंक) की स्थापना की जिसका उद्देश्य ब्रिक्स देशों और अन्य उभरती तथा विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की सतत विकास की मूलभूत परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाना है। 
•    बतिस्ता ने कहा कि अधिक बांड भारत में रुपयों सहित ब्रिक्स देशों के स्थानीय मुद्राओं में,  बैंक के बोर्ड और स्थानीय अधिकारियों परियोजना की योजना का समर्थन जारी किए जाएंगे।
•    इस बैंक का प्रमुख कार्य हैं- किसी देश शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी समस्याओं को दूर करना, ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ाना, वैश्विक फाइनैंशल सेफ्टी नेट को मजबूत करना आदि। 
•    एनडीबी के पास आरम्भ में 100 बिलियन डॉलर की आधार राशि रखी रखी गई है, जिसका इस्तेमाल ढांचागत परियोजनाओं के लिए किया जाएगा जो सभी ब्रिक्स देशों के लिए एक प्रमुख मुद्दा हैं। 
•    हालांकि, चीन की कई निर्माण कंपनियों की विदेशों में बड़ी परियोजनाओं होने से इससे उन्हें अधिक लाभ मिलेगा। 
•    इस बैंक के अलावा, ब्रिक्स के पांच सदस्य भी अलग से 100 बिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार अलग से स्वैप लाइनों के लिए रिजर्व रखेंगे, जिसका उपयोग कोई भी ब्रिक्स सदस्य एक आकस्मिक रिजर्व व्यवस्था के तहत कर सकता है। बैंक का मुख्यालय  शंघाई में होगा, और इसके पहला अध्यक्ष भारत से होगा।

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स्नैपडील ने कैलिफोर्निया में डाटा विज्ञान केन्द्र खोला

ऑनलाइन विपणन मंच उपलब्ध कराने वाली कंपनी स्नैपडील ने कैलिफरेनिया के सॉन कालरेस में एक डाटा विज्ञान केन्द्र स्थापित किया है। 
•    इस केन्द्र के जरिये वैश्‍विक स्तर पर बेहतर प्रतिभायें और उच्च गुणवत्ता के निदान तैयार किये जा सकेंगे।
•    इस केन्द्र के जरिये बडे आंकडों और अत्याधुनिक विश्लेषणों पर गौर किया जा सकेगा। 
•    यह स्नैपडील के उपभोक्ता केन्द्रित प्रयासों में और स्पष्टता लाने में मदद करेगा।
•    कंपनी के सह-संस्थापक रोहित बंसल ने कहा, ‘‘हमने केलिफोर्निया में एक डाटा विज्ञान इंजन स्थापित किया है। 
•    इसमें प्रतिभाओं को बेहतर होने का मौका मिलता है।
•    इससे हमारे बेहतर उपभोक्ता अनुभवों और हमारी आपूर्ति र्शंखला को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। 
•    स्नैपडील मौजूदा विश्लेषणात्मक टीम के जरिये व्यापक स्तर पर डाटा माइनिंग पर काम कर रही है।
•    स्नैपडील की यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार इस केन्द्र में जाने माने वैश्‍विक ब्रांड जैसे ग्रुपॉन, गूगल, याहू और अमेजन के अनुभवी डाटा वैज्ञानिक काम कर रहे हैं डाटा विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नितिन शर्मा इसका नेतृत्व कर रहे हैं।

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फोर्ब्स की विश्व की 2000 शक्तिशाली कंपनियों में भारत की 56 कंपनियां शुमार

विश्व की 2000 सबसे बड़ी और शक्तिशाली सूचीबद्ध कंपनियों में से 56 भारत में हैं।
•    यह बात फोर्ब्स की सालाना सूची में कही गई, जिसमें 579 कंपनियों के साथ अमेरिका शीर्ष पर है।
•    मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज फोर्ब्स 2015 की 'ग्लोबल 2000' सूची में 56 भारतीय कंपनियों में अग्रणी है।
•    इस सूची में विश्व की सबसे बड़ी कंपनियों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है और इससे स्पष्ट है कि मौजूदा वैश्विक कारोबार परिदृश्य में अमेरिका और चीन प्रभुत्व की स्थिति में है।
•    पहली बार चीन के चार सबसे बड़े बैंक शीर्ष चार स्थानों पर हैं।
•    चीन में विश्व की 232 सबसे बड़ी कंपनियां हैं और यह पहली बार जापान को पार कर अन्य देशों से आगे बढ़ गया है।
•    इधर 218 कंपनियों के साथ जापान तीसरे स्थान पर आ गया है।
•    रिलायंस इंडस्ट्रीज इस सूची में 142वें स्थान पर है जो पिछले साल के 135वें स्थान से नीचे है। रिलायंस का बाजार मूल्यांकन 42.9 अरब डॉलर और बिक्री 71.7 अरब डॉलर रहा है।
•    रिलायंस के बाद भारतीय स्टेट बैंक का स्थान रहा जो 152वें स्थान पर है और उसका बाजार मूल्यांकन 33 अरब डॉलर है।
•    जिन अन्य भारतीय कंपनियों से इस सूची में जगह बनाई उनमें 
•    ओएनजीसी (183), 
•    टाटा मोटर्स (263), 
•    आईसीआईसीअई बैंक (283),
•    इंडियन ऑयल (349), 
•    एचडीएफसी बैंक (376), 
•    एनटीपीसी (431), 
•    टीसीएस (485), 
•    भारती एयरटेल (506), 
•    एक्सिस बैंक (558), 
•    इन्फोसिस (672), 
•    भारत पेट्रोलियम (757), 
•    विप्रो (811), 
•    टाटा स्टील (903) 
•    अडाणी एंटर प्राइजेज (944) 

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