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गूगल ने भारतीय मूल के उद्यमी के स्टार्टअप का अधिग्रहण किया

3 मई 2016 को गूगल ने भारतीय मूल के एक उद्यमी द्वारा शुरू किए गए टेक्नॉलॉजी स्टार्टअप का अधिग्रहण किया है. 
टोरंटो आधारित सिनर्जीस के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी उद्यमी वरुण मल्होत्रा ने 2013 में यह स्टार्टअप गूगल ऐप्स की ट्रेनिंग देने के लक्ष्य के साथ शुरू किया था.
यह अधिग्रहण गूगल द्वारा अपने ग्राहकों को गूगल ऐप्स प्रशिक्षण का दायरा बढ़ाने की योजना के तहत किया गया है.
• गूगल एक अमरीकी बहुराष्ट्रीय सार्वजनिक कम्पनी है. जिसने इंटरनेट सर्च, क्लाउड कंप्युटिंग और विज्ञापन तंत्र में पूंजी लगाई है.
• यह इन्टरनेट पर आधारित कई सेवाएँ और उत्पाद बनाता तथा विकसित करता है यह मुनाफा मुख्यतया अपने विज्ञापन प्रोग्राम ऐडवर्ड्स (AdWords) से कमाती है.
• यह कम्पनी स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से पीएचडी के दो छात्र लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन द्वारा संस्थापित की गयी थी.
• इन्हें प्रायः "गूगल गाइस" के नाम से सम्बोधित किया जाता है.
• सितम्बर 4, 1998 को इसे एक निजी -आयोजित कम्पनी में निगमित किया गया.
• इसका पहला सार्वजनिक कार्य/सेवा 19 अगस्त 2004 को प्रारम्भ हुआ.
• इसी दिन लैरी पेज, सर्जी ब्रिन और एरिक स्ख्मिड्ट ने गूगल में अगले बीस वर्षों (2024) तक एक साथ कार्य करने की रजामंदी की.

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भारत और न्यूजीलैंड ने वायु सेवा समझौते पर हस्ताक्षर किए

1 मई 2016 को भारत और न्यूजीलैंड ने दोनों देशों के बीच सीधी विमान सेवा शुरू करने के लिए वायु सेवा समझौते पर हस्ताक्षर किए. 
•    इससे दोनों देशो के बीच व्यापार और पीपुल-टू-पीपुल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा.
•    भारत की ओर से कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री संजीव बालियान और न्यूजीलैंड की ओर से परिवहन मंत्री सायमन ब्रिजेस ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जॉन की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए.
•    समझौता 1944 के कन्वेंशन ऑफ़ इंटरनेशनल सिविल एविएशन के तहत किया गया.
•    भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार, शिक्षा और पर्यटन तेजी से बढ़ा है. 
•    न्यूजीलैंड में करीबन 1 लाख 75 हजार लोग भारतीय मूल के है जिनमें से लगभग 15 हजार भारतीय छात्र हैं.
•    भारत और न्यूजीलैंड में दोनों ओर से पर्यटन में भी अच्छी बढ़ोत्तरी देखी गई है, 

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खाद्य सुरक्षा के लिए नाबार्ड ने जर्मनी के साथ समझौता किया

अप्रैल 2016 में कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के राष्ट्रीय बैंक 'मृदा संरक्षण और खाद्य सुरक्षा के लिए पुनर्वास' पर एक विशेष कार्यक्रम के लिए जर्मन सरकार के साथ सहयोग किया है।
•    जर्मन सरकार की विशेष पहल 'वन वर्ल्ड, नो हंगर' पहल का हिस्सा है।
•    भारत एशिया में एकमात्र देश है जो इस  पहल का हिस्सा है 
•    जर्मनी की  'वन वर्ल्ड, नो हंगर'  खाद्य और पोषण सुरक्षा, नवाचार को बढ़ावा देने, संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग पर ध्यान केंद्रित के रूप में तो ग्रामीण क्षेत्रों और जिम्मेदार भूमि के उपयोग और भूमि के लिए उपयोग को बढ़ावा देने में स्थिर आजीविका बनाने के लिए है 
•    इस शुरुवात का स्वागत दुनिया के कई देशों ने खुलकर की है
•    राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) मुम्बई, महाराष्ट्र अवस्थित भारत का एक शीर्ष बैंक है।
•    इसे "कृषि ऋण से जुड़े क्षेत्रों में, योजना और परिचालन के नीतिगत मामलों में तथा भारत के ग्रामीण अंचल की अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए मान्यता प्रदान की गयी है।

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राहुरी बना देश का पहला डिजिटल लॉकर शुरु करने वाला नगर

महाराष्ट्र राज्य के अहमदनगर जिले स्थित राहुरी नगर परिषद डिजिटल लॉकर शुरु करने वाला देश का पहला नगर परिषद बन गया है। 
•    डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत शुरु इस लॉकर के तहत सारे मह्त्वपूर्ण दस्तावेजों को डिजिटल रूप में ऑनलाइन स्टोर करके सुरक्षित रखा जाएगा। 
•    शासन का डिजिटिकरण करने का उद्देश्य देश की प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शिता बनाने के साथ ही सरकार के प्रति लोगों के विश्वास को मजबूत बनाना है। 
•    सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को सभी नगर निकायों को कागज रहित बनाने में मदद करने की बात 
•    अहमदनगर से सांसद दिलीप गांधी ने भी डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की सफलता के लिए देश के हर नागरिकों को भी डिजिटल लॉकर के उपयोग करने पर बल दिया। 
•    नागरिक बिना नगर परिषद जाए जन्म, विवाह और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं। 
•    “डिजिटल लॉकर” डिजिटल इंडिया प्रोग्राम का एक मह्त्वपूर्ण हिस्सा है| 
•    यह एक वेब आधारित प्रोग्राम है जिसमें अपने मह्त्वपूर्ण दस्तावेजों को डिजिटल रूप में ऑनलाइन स्टोर करके सुरक्षित रखा जाता है |

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भारत एवं पापुआ न्यू गिनी ने चार समझौते किये

भारत एवं पापुआ न्यू गिनी ने 29 अप्रैल 2016 को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने हेतु चार समझौते किये.
यह समझौते राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पापुआ न्यू गिनी में दो दिवसीय (28 एवं 29 अप्रैल 2016) यात्रा के दौरान किये गये. मुखर्जी इस देश की अधिकारिक यात्रा पर जाने वाले भारत के पहले राष्ट्रपति हैं.
•    स्वास्थ्य और चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन: यह समझौता भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और पापुआ न्यू गिनी के स्वास्थ्य मंत्रालय और एचआईवी / एड्स मंत्रालय के बीच किया गया.
•    100 मिलियन अमेरिकी डॉलर क्रेडिट लाइन हेतु समझौता ज्ञापन: इस समझौते पर पापुआ न्यू गिनी में बुनियादी ढांचे के विकास हेतु भारतीय आयात-निर्यात बैंक एवं पापुआ न्यू गिनी सरकार द्वारा हस्ताक्षर किए गये.
•    कृषि अनुसंधान पर समझौता ज्ञापन: इस पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली एवं पीएनजी यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी, पापुआ न्यू गिनी के मध्य हस्ताक्षर किये गये.
•    भारत-पापुआ न्यू गिनी आईटी सेंटर स्थापना हेतु समझौता.

पापुआ न्यू गिनी पसिफ़िक क्षेत्र का सबसे बड़ा प्रायद्वीप देश है. यह न्यू गिनी द्वीप के आधे पूर्वी क्षेत्र में स्थित है एवं मेलानेशिया इसका अपतटीय द्वीप है.
•    यह विश्व के सबसे विविध सांस्कृतिक देशों में से एक है.
•    यहाँ 852 भाषाएँ बोली जाती हैं जिसमें 12 लुप्तप्राय हैं.
•    यहां रहने वाले 7 मिलियन लोग विभिन्न समुदायों में रहते हैं तथा उनके अपने रीति रिवाज़ तथा भाषाएँ हैं.
•    यहां की अधिकतर आबादी गांवों में रहती है जबकि केवल 18 प्रतिशत लोग शहरों में रहते हैं.
•    यहां के दूर-दराज के क्षेत्रों में बहुत सी अनदेखी पौधों और जानवरों की प्रजातियां भी पायी जाती हैं.

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आयकर टैक्स सबसे ज्यादा महाराष्ट्र से

केंद्र सरकार की ओर से इनकम टैक्स के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। इसमें इनकम टैक्स भरने वाले टॉप 10 राज्यों की लिस्ट भी जारी की गई है। 

•    टैक्स भरने वाले राज्यों में महाराष्ट्र का नंबर पहला है। इसके बाद दिल्ली का नंबर आता है। इन दोनों राज्यों के लोग मिलकर अकेले देश का 50 फीसदी से ज्यादा टैक्स देते हैं।
•    आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र के लोग जहां कुल टैक्स का 39.9 फीसदी देते हैं, वहीं दिल्ली के लोगों का शेयर इसमें 13.1 फीसदी है।
•    देश के इतिहास में पहली बार इस तरह जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2011 में कुल व्यक्तिगत करदाताओं की संख्या चार करोड़ थी, जो 2014 में बढ़कर पांच करोड़ से कुछ अधिक हो गई थी।
•    वर्ष 2014-15 के दौरान महाराष्ट्र ने सबसे ज़्यादा 2.77 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष कर जमा किया। 
•    दूसरे स्थान पर 91,274 करोड़ रुपये के साथ राजधानी दिल्ली रह
•    देश की 120 करोड़ आबादी में सिर्फ 10 लाख लोग ही ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी इनकम 10 लाख या इससे ज्यादा दिखाई है।

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भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक ने सार्क विकास बैंक ( एसडीएफ) के साथ करार किया है

भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक ( सिडबी) सार्क विकास कोष (एसडीएफ) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं
यह आपसी सहयोग और सहयोग को प्रमोट करने के लिए किया गया है।
•    समझौता ज्ञापन पर सिडबी के उप प्रबंध निदेशक ए के कपूर और एसडीएफ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील मोतिवाल द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे ।
•    भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक या सिडबी भारत की स्वतंत्र वित्तीय संस्था है जो सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की वृद्धि एवं विकास के लक्ष्य से स्थापित किया गया है। 
•    यह लघु उद्योग क्षेत्र के संवर्द्धन, वित्तपोषण और विकास तथा इसी तरह की गतिविधियों में लगी अन्य संस्थाओं के कार्यां में समन्वयन के लिए प्रमुख विकास वित्तीय संस्था है।
•    सिडबी की स्थापना 2 अप्रैल 1990 को हुई। 
•    इसकी स्थापना संबंधी अधिकार-पत्र भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक अधिनियम, 1989 में सिडबी की परिकल्पना लघु उद्योग क्षेत्र के उद्योगों के संवर्द्धन, वित्तपोषण और विकास और लघु उद्योग क्षेत्र के उद्योगों को संवर्द्धन व वित्तपोषण अथवा विकास में लगी संस्थाओं के कार्यों में समन्वय करने और इसके लिए प्रासंगिक मामलों के लिए प्रमुख वित्तीय संस्था के रूप में की गई है।

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ब्लैकबेरी ने भारत में भुगतान सेवाओं की शुरूआत की

ब्लैकबेरी ने हाल ही में भर्त्पने पहले भुगतान सेवाओं की शुरुवात कर दी है .ब्लैकबेरी ने ये कदम बाज़ार में अपनी गिरती साख को ध्यान में रखते हुए उठाया है .
•    हॉटरेमिट जो की डिजिटसिक्योर का प्रोडक्ट है वही अब ब्लैकबेरी की पेमेंट सर्विसेज को चलाएगा 
•    ब्लैकबेरी वायरलेस मोबाइल उपकरण की एक श्रेणी है, जिसे 1999 में दो-तरफ़ा पेजर के रूप में पेश किया गया था। 
•    2002 में, आमतौर पर स्मार्टफ़ोन के नाम से विख्यात ब्लैकबेरी जारी किया गया, जो पुश ई-मेल, मोबाइल फोन, टेक्स्ट मैसेजिंग, इंटरनेट फैक्स, वेब ब्राउज़िंग और अन्य वायरलेस सूचना सेवाओं की सुविधाओं का समर्थन करता है। 
कनाडा की कंपनी रिसर्च इन मोशन(RIM) द्वारा इसे विकसित किया गया है, यह मोबाइल फोन सेवा कंपनियों के वायरलेस डाटा नेटवर्क पर जानकारी देने का काम करती है। 
•    ब्लैकबेरी ने पहले बाजार में ई मेल पर ध्यान केंद्रित करके प्रगति की. 
•    रिम (RIM) वर्तमान में ब्लैकबेरी कनेक्ट सॉफ्टवेयर के माध्यम से गैर-ब्लैकबेरी उपकरणों, जैसे कि पाम ट्रेओ को ब्लैकबेरी ई-मेल सेवा प्रदान करने का काम करती है। .

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विडियोकॉन ने वोडाफ़ोन एम पैसा के साथ टाई अप किया ​


वोडाफोन एम पैसा का उपयोग कर अब डी 2 एच सेवा का पुनर्भरण किया  जा सकता है।  
वीडियोकॉन डी 2 एच ने वोडाफोन के साथ, भागीदारी की है जिसके तहत  अब वोडाफोन एम-Pesa का उपयोग कर ग्राहक अपने डी 2 एच सेवा का  पुनर्भरण कर सकते हैं ।   ●सौरभ धूत, वीडियोकॉन डी 2 एच के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा इस  सहयोग को अप्रत्याशित करार देते हुए ख़ुशी ज़ेर की  
●अनिल खेड़ा, सीईओ, वीडियोकॉन डी 2 एच ने कहा, "इस टाई अप से  हमारे ग्राहकों के अनुभव के हर पहलू में नया करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता जाहिर होगी ।  
●वीडियोकॉन डी 2 एच, भारत के सबसे तेजी से बढ़ते डीटीएच सेवा प्रदाता होने का दावा करती है ये 550 से अधिक चैनलों की सेवाएं प्रदान करता है। 
●विडियोकॉन के कनेक्टेड सेट टॉप बॉक्स में फेसबुक, ट्विटर, डेली मोशन, एसटीबी पर रहने वाले अनुप्रयोगों के माध्यम से मांग  साइटों, समाचार साइटों, मौसम साइटों, आदि पर वीडियो सामग्री से 
ब्राउज़ करने के लिए अनुमति मिलेगी । 

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डीबीएस बैंक ने लॉन्च किया देश का पहला मोबाइल ओनली बैंक

डीबीएस बैंक ने देश का पहला मोबाइल ओनली बैंक लॉन्च कर दिया है. सिंगापुर का सबसे बड़ा बैंक डीबीएस बैंक ने कल डिजिबैंक लॉन्च किया है. 
•    बैंक की डिजिबैंक के जरिए 50 लाख ग्राहकों तक पहुंच बनाने की योजना है. 
•    डीबीएस बैंक की इस डिजिबैंक के जरिए रिटेल बैंकिंग मार्केट में नई पहचान बनाने की योजना है और वो भी बेहद कम कीमत में. डिजिबैंक मोबाइल के जरिए बैकिंग का अनुभव देगा और इसके जरिए आपके बैंक के सारे काम मोबाइल से ही हो जाएंगे. ये बैंक 24×7 ग्राहक बैंकिंग की भी सुविधा देगा.
•    डिजिबैंक की बैंकिंग सर्विसेज के लिए ना किसी कागज की जरूरत पड़ेगी, ना किसी ब्रांच में जाने की. 
•    ये डिजिबैंक आपकी बायोमेट्रिक जानकारी और आधार कार्ड की मदद से चलेगा. अपने आधार कार्ड के जरिए ग्राहक डिजिबैंक में खाता खोल सकते हैं. 
•    आपकी बायोमेट्रिक जानकारी को वैरिफाई कर सारी बैंकिंग सुविधाएं आप हासिल कर सकते हैं. 
•    इस बैंक में खाता खोलने के लिए मिनिमम बैलेंस की भी जरूरत नही है और आपको 7 फीसदी का ब्याज मिलेगा यानी साधारण बैंकों के 4-5 फीसदी ब्याज की तुलना में काफी अच्छा ब्याज ये डिजिबैंक दे रहा है. 
•    आपको डेबिट कॉर्ड की सुविधा भी मिलेगी और सभी एटीएम से मुफ्त कैश निकालने का आराम मिलेगा.
•    फिलहाल बैंक की कॉस्ट टू इनकम 55 फीसदी है जिसे घटाकर वो 45 फीसदी पर लाना चाहता है. भारत के बाद डीबीएस बैंक आने वाले 12-18 महीनों में चीन और इंडोनेशिया में भी डिजिबैंक खोलेगा.
विडियोकॉन ने वोडाफ़ोन एम पैसा के साथ टाई अप किया

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