प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 6 अप्रैल 2016 को सरकारी तेल विपणन कंपनियों द्वारा कच्चे तेल के आयात पर वर्तमान नीति में बदलाव लाने को मंजूरी दी.
• इसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को अपनी नीतियां निरूपित करने का अधिकार प्रदान किया गया.
• इससे परिचालन क्षमता में सुधार आएगा और कच्चे तेल की खरीद के लिए ज्यादा दक्ष, लचीली और गतिशील नीति उपलब्ध होगी, जिससे उपभोक्ता को लाभ प्राप्त होगा.
• न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रशासन के सिद्धांत के अनुरूप इस बदलाव से तेल कंपनियों के प्रचालन और व्यावसायिक लचीलेपन में वृद्धि होगी और वे कच्चे तेल के आयात के लिए सबसे ज्यादा प्रभावपूर्ण खरीद पद्धतियां अपनाने में सक्षम हो सकेंगे.
• कच्चे तेल के आयात की वर्तमान नीति को वर्ष 1979 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी.
• सरकारी तेल विपणन कंपनियों की सामूहिक ऊर्जा आवश्यतकताओं को निरंतर पूरा किया है, लेकिन बदलते समय के साथ इस नीति में बदलाव लाने की आवश्यतकता है.
• केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 2001 में लिए गए फैसले के बाद, भारत सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में से नवरत्न और महारत्न कंपनियों को मत्वअपूर्ण अधिकार सौंपें गये है.
• इन कंपनियों को प्रचालन, वित्तीय एवं निवेश संबंधी विविध मामलों में सहायता प्रदान करना है.
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