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वैद्यलिंगम निर्विरोध पुडुचेरी विधानसभा के अध्यक्ष निर्वाचित

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वी वैद्यलिंगम पुडुचेरी विधानसभा के नए अध्यक्ष बने 
•    आखिरी समय सीमा आज अपराह्न तक पर्चा भरने वाले वह ही एकमात्र उम्मीदवार थे।
•    वैद्यलिंगम विधानसभा सचिव एस मोहनदास के सामने अपना नामांकन भरने वाले एक मात्र उम्मीदवार हैं। 
•    अस्थायी अध्यक्ष वी पी सिवकोलुंढू ने वैद्यलिंगम के नयी विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित होने की विधिवत घोषणा की.
•    वैद्यलिंगम विधानसभा के 19 वें अध्यक्ष हैं । 
•    वह 16 मई को विधानसभा चुनाव में कामराज नगर निर्वाचन क्षेत्र से लगातार दूसरी बार विधानसभा के लिए चुने गए थे।
•    वह 1985 में अपने पहले निर्वाचन के बाद से नेट्टापक्कम निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे थे। 
•    लेकिन 2011 में वह कामराज नगर विधानसभा से चुनाव लड़े।
•    विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्सीमांकन के बाद 2011 के चुनाव में नेट्टापक्कम आरक्षित सीट बन गयी।
•    वैद्यलिंग दो बार मुख्यमंत्री रहे। 
•    वह 1991-96 तक इस पद रहे तथा वर्ष 2008 में उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री रंगासामी का स्थान लिया। 
•    वह पिछली विधानसभा में विपक्ष के नेता थे। 

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एपी खाद्य प्रसंस्करण सोसायटी के माध्यम से आंध्र प्रदेश सरकार राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम (एनआरडीसी) ने 9 जून 2016 को वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग का उपक्रम, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ एक ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किया.
आंध्र प्रदेश के स्मार्ट एग्रीबिजनेस प्लेटफार्म नेटवर्क (एसएपीएनएपी) की स्थापना से कृषि व्यवसाय एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूत करना है.
यह समूह सभी साझेदारों को शामिल करके कृषि व्यवसाय के त्वरित विकास के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को सक्षम करने के सृजन पर ध्यान दिया जाएगा.
 (i)स्मार्ट एग्रीबिजनेस वैल्यू-चेन:
•    स्मार्ट एग्रीबिजनेस वैल्यू-चेन स्मार्ट एग्रीबिजनेस मूल्य श्रृंखला खुफिया, विश्लेषणात्मक, बड़े आंकड़े, नई खोज और भागीदारी पर ध्यान देगा.
(ii)स्मार्ट एग्रीबिजनेस इनक्यूबेटर्स और एक्सीलेटर्स:
•    स्मार्ट एग्रीबिजनेस इन्क्यूबेटर्स शुरूआत, उद्यम विकास और एफपीओ सलाह के लिए बुनियादी ढांचे.
•    पारिस्थितिकी तंत्र को सक्रिय करने के साथ 13 जिला स्तर इन्क्यूबेटरों की स्थापना पर ध्यान देना.
•    एनआरडीसी इस कार्यक्रम में सहयोगी साझेदार होगा.
•    राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हितधारकों को एसएपीएनएपी के शुरूआत और संबंधों के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकियों, जानकारी, आईपीआर और अन्य मूल्य वर्धित तकनीकी-वाणिज्यिक सेवाएं भी प्रदान करेगा.

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गूगल और टाटा की संयुक्त पहल "इंटरनेट साथी" का पश्चिम बंगाल में शुभारम्भ

इंटरनेट सर्च इंजन गूगल और टाटा ट्रस्ट ने 8 जून 2016 को संयुक्त रूप से पहल करके "इंटरनेट साथी" का कोलकाता, पश्चिम बंगाल में शुभारम्भ किया.
इस पहल का उद्देश्य भारत के ग्रामीण क्षेत्रों जैसे पुरुलिया आदि में डिजिटल लैंगिक अंतर को कम करना है, जहां लड़कियों को इंटरनेट का उपयोग करने और दूसरों को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा.
•    इंटरनेट साथी पांच राज्यों में सफलतापूर्वक शुरू किया गया. जुलाई 2015 में, यह पश्चिम बंगाल सहित चार राज्यों में शुरू हुआ.
•    इंटरनेट साथी का उद्देश्य इंटरनेट के लाभ पर बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान करके  महिलाओं और उनके समुदायों को सशक्त बनाना है.
•    कार्यक्रम से ग्रामीण भारत में महिलाओं के जीवन और उनके समुदायों में सुधार आ रहा है.
•    यह ग्रामीण भारत में महिलाओं के इंटरनेट प्रशिक्षण के विभिन्न उपयोगों पर केंद्रित है. जो प्रशिक्षण करने के बाद अपने स्वयं के और पड़ोसी गांवों में बड़े  ग्रामीण समुदाय को प्रशिक्षण दे सकेंगी.
•    साथी के प्रशिक्षण में गूगल मदद करता है और प्रशिक्षण सामग्री के साथ-साथ डेटा सक्षम उपकरणों प्रदान करता है.
•    जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण स्वयं सहायता समूह, महासंघों और स्थानीय गैर सरकारी संगठनों के सदस्यों जो टाटा ट्रस्ट द्वारा समर्थित हैं, के माध्यम से दिया जाता है.  
•    पिछले दस महीनों में यह पहल भारत के पांच राज्यों अर्थात् राजस्थान, गुजरात, झारखंड, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश के गांवों में सक्रिय रूप से कार्यरत है.

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भारत और एशियाई विकास बैंक के बीच 120 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर

भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक ने 120 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर जून 2016 में हस्ताक्षर किए. यह समझौता ओडिशा में सिंचाई के आधुनिकीकरण और जल प्रबंधन सुधार के लिए किया गया.
•    उपरोक्त ऋण समझौते पर भारत सरकार की ओर से संयुक्त सचिव (बहुपक्षीय संस्थान), आर्थिक मामलों के विभाग श्री राजकुमार तथा एशिया विकास बैंक की भारत रेजिडेंट मिशन की कंट्री डायरेक्टर सुश्री एम. टेरेसा खो ने हस्ताक्षर किए.
•    यह ऋण ओडिशा एकीकृत सिंचाई कृषि तथा जल प्रबंधन निवेश कार्यक्रम के अंतर्गत 157.5 मिलियन डॉलर की वित्तीय सुविधा का दूसरा भाग है. 
•    इस राशि का इस्तेमाल सात सिंचाई उप-परियोजनाओं को आधुनिक बनाने के लिए किय़ा जाएगा. आधुनिकीकरण से 100,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की स्थिति सुधरेगी, जल उपयोगकर्ता संघ (डब्ल्यूयूए) सुदृढ़ होंगे तथा ओडिशा के जल संसाधन विभाग की संस्थागत क्षमता बढ़ेगी. निवेश के लिए चयनित क्षेत्र हैं वेतरणी, ब्राहम्णी, बुढ़ाबालंगा, सुबर्णरेखा नदी बेसिन तथा महानदी डेल्टा.
•    एडीबी के साधारण पूंजी संसाधनों से मिलने वाले ऋण के दूसरे भाग की अवधि 20 वर्ष की है. 
•    ओडिशा अपने जल संसाधन विभाग के माध्यम से दूसरे भाग की गतिविधियों तथा समग्र कार्यक्रम को लागू करने के लिए उत्तरदायी है. इस कार्यक्रम के दोनों भागों को सितंबर, 2018 तक पूरा करना है.

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गुवाहाटी द्वारा गंगा नदी की डॉल्फिन को ‘शहर जीव’ घोषित किया गया

कामरूप मेट्रोपोलिटन जिला प्रशासन द्वारा गंगा नदी की डॉल्फिन को शहर का प्रतीक घोषित किये जाने पर असम स्थित गुवाहाटी 6 जून 2016 ‘शहर जीव’ वाला देश का पहला शहर बन गया.

•    गंगा नदी की डॉल्फिन को स्थानीय भाषा में ‘सिहु’ भी कहा जाता है. गौरतलब है कि ब्रह्मपुत्र नदी में ऐसे 2000 से कम जीव बचे हैं.
•    जिला प्रशासन ने शहर के प्रतीक के रूप में किसी जीव को चुनने हेतु ऑनलाइन और ऑफलाइन मतदान की व्यवस्था का आयोजन कराया. इस मतदान प्रक्रिया में गंगा नदी के डॉल्फिन के अतिरिक्त ब्लैक सॉफ्टशेल टर्टल (बोर कासो) कछुआ और ग्रेटर एडजुटैंड स्टोर्क (हरगिला) थे.
•    तीन महीने तक चलाये गये इस मतदान अभियान में गंगा नदी की डॉल्फिन को कुल 60003 मतों में से 24247 वोट प्राप्त हुए.
•    ग्रेटर एडजुटैंड स्टोर्क को 18454 जबकि ब्लैक सॉफ्टशेल टर्टल को 17302 मत मिले.
•    कामरूप जिला प्रशासन ने असम वन विभाग, असम राज्य जैव-विविधता समूह एवं एक एनजीओ के साथ मिलकर यह मतदान आयोजित कराया.
•    इन्हें गंगा का टाइगर भी कहा जाता है क्योंकि जिस प्रकार वनों में बाघ विचरण करते हैं उसी प्रकार डॉल्फिन नदी में रहती है.
•    इसका साइंटिफिक नाम प्लाटानिस्टा गंगेटिका है.
•    गंगा नदी की डॉल्फिन गहरे पानी में रहती हैं. यह अधिकतर दो नदियों के संगम स्थल पर पायी जाती हैं. इनके साथ मगरमच्छ, स्वच्छ पानी के कछुए एवं जलीय पक्षी भी देखे जा सकते हैं.
•    इन्हें सात राज्यों – असम, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखण्ड एवं पश्चिम बंगाल में पाया जाता है.
•    डॉल्फिन इन नदियों में पायी जाती हैं – गंगा, चम्बल (मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश), घाघरा, गंडक (बिहार एवं उत्तर प्रदेश), सोन एवं कोसी (बिहार), ब्रह्मपुत्र एवं सहायक नदियां सदिया से धुबरी एवं कुलसी नदी.
•    गंगा नदी में पाई जाने वाली डॉल्फिन ताकतवर लेकिन लचीली होती है. इसका वजन 150 किलोग्राम तक होता है. मादा डॉल्फिन नर की अपेक्षा बड़ी होती हैं.
•    गंगा नदी की डॉल्फिन साधारणतया नेत्रहीन होती हैं लेकिन वे अपना शिकार अल्ट्रासोनिक आवाज़ से पकड़ती हैं.
•    गंगा नदी की डॉल्फिन के संरक्षण का कार्यक्रम वर्ष 1997 में आरंभ किया गया था ताकि इसकी घटती जनसंख्या पर नियंत्रण पाया जा सके.

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हवा में प्रदूषण की चेतावनी के लिए 'राजवायु' मोबाइल एप लॉन्च

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने आज प्रदेश के तीन शहरों जयपुर, जोधपुर एवं उदयपुर की हवा में प्रदूषण के स्तर की जानकारी एवं चेतावनी देने के लिए मोबाइल एप राजवायु को लांच किया।

•    राजे ने विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर मोबाइल एप का लांच करते हुये कहा कि प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण में आमजन विशेषकर युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ऐसे एप्स में गेभमग फीचर का इस्तेमाल करके इसे अधिक इंटरेक्टिव बनाया जाना चाहिए। 
•    उन्होंने कहा कि अगले चरण में प्रदेश के अजमेर, अलवर, भिवाडी, कोटा और पाली शहरों को भी इस नेट वर्क से जोड़ दिया जायेगा।
•    राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा यूनिसेफ राजस्थान तथा केन्द्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सहयोग से तैयार राजवायु एप प्रदूषण मापक यंत्रों और मौसम संवेदी उपकरणों पर आधारित है। 
•    इन मशीनों द्वारा संकलित डाटा के माध्यम से यह एप आमजन को हवा में मौजूद प्रदूषक तत्वों के स्तर की जानकारी देगा। 
•    साथ ही यह शहर के तापमान नमी की मात्रा हवा की गति मौसम संबंधी चेतावनी और एडवाइजरी भी जारी करेगा।
•    केन्द्र सरकार के मौसम विज्ञान विभाग द्वारा संचालित सफर इंडिया वायु की गुणवत्ता मौसम पूर्वानुमान एवं अनुसंधान के लिए नेटवर्क से जुडऩे वाला राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड देश का पहला बोर्ड है। 
•    वर्तमान में दिल्ली, मुम्बई तथा पुणे इस नेटवर्क से जुड़े हैं। 
•    इस अवसर पर राजे ने इस अवसर पर औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण की मॉनिटरिंग के लिए राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा राजकॉम्प द्वारा तैयार मोबाइल एप दृष्टि का भी शुभारंभ किया।

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दिल्ली सरकार द्वारा 2020 तक दिल्ली में 1 गिगावाट लक्ष्य के साथ सौर नीति को मंजूरी

दिल्ली कैबिनेट ने 6 जून 2016 को राष्ट्रीय राजधानी के लिए सौर नीति को मंजूरी प्रदान की. 
•    इस नीति के अनुसार वर्ष 2020 तक दिल्ली में 1 गिगावाट (1,000 मेगावाट) क्षमता तक की सौर ऊर्जा स्थापित की जाएगी जिसे अगले पांच वर्षों में दोगुना किया जाएगा.
•    मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में डायलॉग एंड डेवलपमेंट कमीशन के साथ विमर्श के उपरांत सौर नीति को मंजूरी दी गयी.
•    इसके अनुसार सभी सरकारी एवं सार्वजनिक संस्थानों को छतों पर सौर पैनल लगाना अनिवार्य होगा.
•    छतों पर दो मीटर की उंचाई तक सौर पैनल लगाने के लिए भवन उपनियमों में संशोधन किए गए.
•    इस नीति का उद्देश्य दिल्ली को 2020 तक 1,000 मेगावाट बिजली के उत्पादन द्वारा 'सोलर सिटी' बनाना है और इसे 2025 तक 2,000 मेगावाट बिजली प्राप्त करना है.
•    सरकार द्वारा निर्धारित कंपनियां ही लोगों के घरों पर सोलर पैनल लगाएंगी और बिजली बेचेंगी.
•    सौर नीति के लिए बनाये गये भवन उपनियम के अनुसार 200 किलोवाट तक की सौर प्रणाली को इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर की ओर से जारी सर्टिफीकेशन से बाहर रखा गया है.

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भारत में किन्नरों को पेंशन और खाद्य लाभ देने वाला ओडिशा पहला राज्य बना

ओडिशा में ट्रांसजेंडर (किन्नरों) समुदाय को सशक्त बनाने की पहल के तहत जून 2016 के पहले सप्ताह में राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई पांच उप योजनाओं को लागू करने का निर्णय किया है. राज्य सरकार इन उपयोजनाओं को नवगठित अशक्त व्यक्ति सामाजिक सुरक्षा एवं सशक्तिकरण विभाग के जरिए लागू करेगी.
•    विभाग ने ट्रांसजेंडरों (किन्नरों) को मान्यता प्रदान करने और उन्हें तीसरे लिंग के रूप में प्रमाणपत्र प्रदान करने से संबंधित एक प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया है.
•    ओडिशा ट्रांसजेंडर लोगों को पेंशन, आवास और खाद्यान्न के रूप में सामाजिक कल्याण लाभ देने वाला पहला भारतीय राज्य बन गया.
•    राज्य में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को मिलाने वाल्व सामाजिक कल्याण के सभी लाभ अब ट्रांसजेंडर समुदाय को देने हेतु ओडिशा राज्य सरकार ने पहल की है. राज्य सरकार द्वारा यह कदम उनके समग्र सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से किया गया है.
•    ट्रांसजेंडर समुदाय (किन्नरों) के सभी सदस्यों को बीपीएल कार्ड दिया जाएगा.
•    बीपीएल कार्ड से उन्हें विभिन्न सरकारी कल्याण कार्यक्रमों के तहत लाभ मोल सकेगा.
•    इन योजनाओं में मुफ्त आवास उपलब्ध कराने में शामिल हैं, प्रति वर्ष 100 दिनों के काम का भुगतान, अपने स्वयं के व्यवसाय शुरू करने हेतु ऋण और पेंशन.
•    ट्रांसजेडर (किन्नरों) उद्यमी को अपने कारोबार को बढ़ाने हेतु 5 लाख के ऋण पर सब्सिडी मिल जाएगी.
•    पेंशन योजना के तहत वृद् ट्रांसजेंडर को हर महीनें एक हजार रुपये की पेंशन डी जाएगी.
•    भारत के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत उन्हें प्रति महीने 5 किलोग्राम खाद्यान्न दिया जाएगा. 
•    उन्होंने बताया कि इसी तरह से मैट्रिक के बाद हॉस्टल में रहने वाले ट्रांसजेंडर छात्रों को साल में 10 महीने 1200 रुपये और अन्य को 550 रुपये प्रदान किए जाएंगें. 
•    ओडिशा सरकार राज्य के ट्रांसजेंडरों (किन्नरों) हेतु अलग से बजट मुहैया कराएगा ताकि इन परियोजनाओं को लागू करने में कोई परेशानी न हो.

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हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर ने जय जवान आवास योजना का शुभारम्भ किया

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 3 जून 2016 को झज्जर जिले के मातनहेल गांव में राज्य का तीसरा सैनिक स्कूल खोलने तथा ‘जय जवान आवास योजना’ के तहत बहादुरगढ़ के बाद करनाल में दूसरी आवासीय कॉलोनी बनाने की घोषणा की.
जय जवान आवास योजना का शुभारम्भ खट्टर ने यहां सैक्टर-7 स्थित राजीव विहार में भूमि पूजन करके किया. 
राज्य सरकार ने शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए करने.
•    पूर्व सैनिकों को योग्यतानुसार सरकारी नौकरी देने का भी प्रावधान किया है.
•    राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए स्कूल स्तर पर पूर्व सैनिकों की एक कमेटी भी गठित करने की राज्य सरकार की योजना है.
•    प्रदेश में सैनिक व पूर्व सैनिकों के बच्चों हेतु शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा.
•    वहीं अवॉर्डी सैन्यकर्मियों के अनुदान में अभूतपूर्व बढ़ोतरी भी की गई है.
•    करनाल में भी बहादुरगढ़ की तर्ज पर फौजियों के लिए बनाए जाएंगे फ्लैट, 4 एकड़ जमीन की दी स्वीकृति
•    प्रदेश के कई शहरों में काटे जाएंगे डिफेंस सेक्टर
•    वीर नारियों को एक ही किश्त में मिलेगा वन रेक वन पेंशन का एरियर
•    अन्य पेंशन धारकों को छह-छह माह की चार किश्तों में मिलेगा एरियर
•    प्रदेश में समय-समय पर लगेंगे भर्ती कैंप
•    दो माह के अंदर हर कमान, एरिया, सब एरिया में खोले जाएंगे वेटरन सैल
•    आर्मी बेस अस्पताल में वेटरन के लिए 200 बैड की विंग खोली जाएगी.
•    हर कमान के अंदर 9 रीजनल अस्पताल खोले जाएंगे.
•    आरआर अस्पताल के अंदर वेटरन के लिए अलग से बनाई कैंसर विंग.

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वी नारायणसामी ने पुदुच्चेरी के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

पुदुच्चेरी के मुख्यमंत्री के तौर पर कांग्रेस विधायक दल के नेता वी नारायणसामी ने 6 जून 2016 को शपथ ली. नारायणसामी को पार्टी के अन्दर काफ़ी विरोध झेलना पड़ा. वह यहां के 10वें मुख्यमंत्री बने हैं.
यूनियन टेरिटरी की एलजी किरण बेदी ने सामी और उनके 6 कैबिनेट मंत्रियों को समुद्र तट के नजदीक 'गांधी थिडल' हाल में शपथ दिलाई.
•    नारायणसामी के साथ पांच कांग्रेसी विधायकों ए. नमशिवायम, एम कृष्णा राव, शाहजहां, एम कंदासामी और आर कमलकन्नण ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली.
•    सामी लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े हैं और उन्होंने अपने राजनीतिक करियर का ज्यादातर वक्त दिल्ली में गुजारा है.
•    नारायणसामी केंद्र में संप्रग की दूसरी सरकार में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री थे.
•    वह संप्रग की पहली सरकार में संसदीय मामलों के राज्य मंत्री थे.
•    30 सदस्यीय पुडुचेरी विधानसभा में कांग्रेस गठबंधन ने 17 सीटों पर जीत दर्ज की.
•    जिसमें कांग्रेस 15 और उनकी सहयोगी द्रमुक ने वहां की 2 सीटों पर कब्जा किया.
•    वह पुडुचेरी में 16 मई को संपन्न हुए विधान सभा चुनाव नहीं लड़े थे.
•    अब उन्हें राज्य विधान सभा का उपचुनाव लड़ना होगा.
•    इसके लिए कांग्रेस के किसी नवनिर्वाचित विधायक को इस्तीफा देना होगा.

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