पर्यावरण मंत्रालय ने 5 मार्च को प्रदूषण के स्तर के आधार पर उद्योगों की नई श्रेणी तय की . 

•    उद्योग वर्गीकरण में एक और कैटिगरी- वाइट (श्वेत)- जोड़ी गई है जिसमें कुल 35 तरह के प्रदूषण रहित उद्योगों को शामिल किया गया है। 
•    इन उद्योगों के संचालन के लिए अब “इन्वाइरनमेंटल क्लियरेंस” की जरूरत नहीं होगी।

•    जैव उर्वरक, जैव कीटनाशक, जैविक खाद, पवन ऊर्जा और 25 मेगावॉट से कम क्षमता वाले छोटे हाइडल प्रॉजेक्ट्स उन उद्योगों और परियोजनाओं में शामिल हैं जो वाइट(श्वेत) वर्ग में आते हैं। 
•    श्वेत उद्योगों के नए वर्ग जो व्यावहारिक तौर पर प्रदूषण नहीं फैलाते है, उसे “इन्वाइरनमेंटल क्लियरेंस”और अनुंती की जरूरत नहीं होगी। 
•    उद्योंगों के दुबारा वर्गीकरण की प्रक्रिया पिछले एक साल से चल रही थी। 
•    नए वर्गीकरण के तहत हवा, जल और मिट्टी को प्रदूषित करने की आशंकाओं के आधार पर कुल 242 उद्योगों की कुल चार श्रेणियां तय की गईं- रेड (लाल), ऑरेंज (नारंगी), ग्रीन (हरी) और वाइट (श्वेत)। 
•    सूचकांक में 60 और इससे अधिक अंक वाले उद्योगों को लाल, 41 से 59 अंकों वाले उद्योगो को नारंगी, 21 से 40 के बीच वाले उद्योगों को हरे और 20 से अंतिम अंकों वाले उद्योगों को श्वेत वर्ग में डाला गया है।